नगर क्षेत्र स्थित एक केंद्रीय विश्वविद्यालय में दो छात्राओं के साथ अश्लील हरकत और छेड़खानी का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ बीएनएस और पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच होने तक शिक्षक को निलंबित कर दिया है।
शिक्षण संस्थान प्रभारी ने 21 सितंबर को थाने में शिक्षक के खिलाफ नामजद तहरीर दी थी। इस में बताया गया कि छेड़खानी की घटना 22 अगस्त कोई हुई थी। मामला सामने आने के बाद संस्थान स्तर पर आंतरिक जांच चल रही थी। इसी वजह से लगभग एक माह की देरी से पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी गई। शिकायत में शिक्षक डॉ. सूर्यमणि भंडारी पर एक नाबालिग और एक बालिग छात्रा के साथ अमर्यादित व्यवहार और छेड़खानी करने का आरोप लगाया गया है।
मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया और पूरे प्रकरण की गहनता से पड़ताल की जा रही है। मामले की जांच अधिकारी एसएसआई अनिता नेगी ने बताया कि पुलिस साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच को आगे बढ़ा रही है। चूंकि पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत सात वर्ष से कम सजा वाले प्रावधानों में सीधे तौर पर तत्काल गिरफ्तारी का नियम नहीं है, इसलिए पुलिस विधि अनुसार अग्रिम कार्रवाई अमल में ला रही है। दूसरी ओर घटना की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने डॉ. सूर्यमणि भंडारी को जांच होने तक तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। संस्थान प्रभारी के अनुसार, निष्पक्ष जांच प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए उन्हें फिलहाल गेस्ट हाउस में स्थानांतरित किया गया है।
