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मोतीचूर हत्याकांड की जांच में पुलिस के सामने आए घटनाक्रम के अनुसार, शिवनारायण पांडे ने पहले 65 वर्षीय खजानी देवी का गला दबाया और फिर उनका सिर पानी से भरी बाल्टी में डुबो दिया। इसके बाद मकान पर बाहर से ताला लगाकर दोनों वहां से चले गए। पुलिस का दावा है कि पुश्तैनी जमीन पर चल रहे विवाद में बेटी शिल्पा थापा ने शिवनारायण के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई थी। शिवनारायण पांडे मूल रूप से हरिद्वार का रहने वाला है। पुलिस जांच के अनुसार, मार्च 2026 में भूपतवाला, हरिद्वार के एक होटल में उसकी मुलाकात शिल्पा थापा से हुई। दोनों वहीं काम करते थे और बाद में उनके बीच प्रेम संबंध हुआ। शिवनारायण का अपनी पत्नी से तलाक का मामला भी चल रहा था।

शिल्पा ने उसे बताया था कि खजानी के नाम कई बीघा जमीन है। शिल्पा का आरोप था कि उसकी मां और भाई जमीन का काफी हिस्सा बेच चुके हैं और बाकी भी बेच रहे हैं लेकिन पुश्तैनी संपत्ति में उसका हिस्सा नहीं दिया जा रहा। बेची गई जमीन की रकम में भी हिस्सा न मिलने की बात उसने शिवनारायण को बताई थी।

उसने झूठ बोलकर खजानी को अपनी सौतेली मां बताया था। जुलाई में शिवनारायण नौकरी के लिए मुंबई चला गया और शिल्पा ने भी नौकरी छोड़ दी हालांकि दोनों के बीच संपर्क बना रहा। कुछ समय बाद शिल्पा ने उसे बताया कि उसकी मां फिर जमीन बेच रही है। इसके बाद दोनों ने खजानी की हत्या कर जमीन बेचने और वहां से दूर चले जाने की योजना बनाई। शिवनारायण पर लाखों रुपये का कर्ज था। पूछताछ में उसके द्वारा कर्ज चुकाने के लिए इस योजना में शामिल होने की बात बताई गई है। घटना के दिन दोपहर में शिवनारायण और शिल्पा, खजानी के कमरे पर पहुंचे। पुलिस के अनुसार, उस समय पड़ोस में पूजा-पाठ होने के कारण काफी शोर था। पूछताछ में शिवनारायण ने बताया कि उसने पहले खजानी देवी का गला दबाया और फिर उनका सिर पानी की बाल्टी में डुबो दिया। इसके बाद दोनों ने बाहर से ताला लगाया और वहां से चले गए।

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