पंतनगर। कूट-रचित दस्तावेज और झूठे साक्ष्य प्रस्तुत कर स्थायी निवास, जाति और ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र बनवाने का मामला सामने आया है। तहसील प्रशासन की जांच में बिजली बिल, राशन कार्ड और भूमि संबंधी दस्तावेजों के सत्यापन में गड़बड़ी मिली। मौके पर दिए गए पते पर आवेदक या उसके परिवार के सदस्य भी निवासरत नहीं मिले। जांच के बाद तीन लोगों के प्रमाण पत्र निरस्त कर दिए गए। राजस्व उप निरीक्षक की तहरीर पर सिडकुल चौकी पुलिस ने एक एजेंट और तीन आवेदकों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
तहसीलदार रुद्रपुर के निर्देश पर कूटरचित दस्तावेज के आधार पर जारी प्रमाण पत्रों की जांच कराई गई। जांच में रम्पुरा निवासी वरुण ढेला, कोमल भारद्वाज और सुभाष कालोनी निवासी जुमराह अशरफ के प्रमाण पत्रों में अनियमितता सामने आई। जांच के अनुसार वरुण ढेला ने एक सितंबर को स्थायी निवास प्रमाण पत्र बनवाया था। कोमल भारद्वाज ने 25 अगस्त को स्थायी निवास और दो सितंबर को ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र जारी कराया। वहीं जुमराह अशरफ ने 10 अगस्त को स्थायी निवास और 18 अगस्त को जाति प्रमाण पत्र बनवाया था।
प्रशासन की जांच में सामने आया कि प्रमाण पत्र बनवाने के लिए प्रस्तुत बिजली बिल, राशन कार्ड, भूमि पट्टा और खतौनी समेत अन्य अभिलेखों में जालसाजी की गई थी। संबंधित विभागों से सत्यापन कराने पर भी दस्तावेजों की सही अभिलेख के रूप में पुष्टि नहीं हुई।
इसके अलावा मौका निरीक्षण के दौरान आवेदकों या उनके परिवार के सदस्यों का दिए गए पते पर निवासरत होना भी नहीं मिला। जांच में गलत तरीके से भौतिक सत्यापन कराए जाने की बात भी सामने आई। इसके बाद प्रशासन ने वरूण कुमार ढेला निवासी रम्पुरा, कोमल भारद्वाज निवासी रुद्रपुर और जुमराह अशरफ निवासी सुभाष कालोनी के स्थायी निवास, जाति और ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र निरस्त कर दिए और इसकी सूचना डीएम को भेज दी गई। राजस्व उप निरीक्षक विजय कुमार की तहरीर पर पुलिस ने वरुण ढेला, कोमल भारद्वाज, जुमराह अशरफ और गदरपुर निवासी शुभम हुड़िया के विरुद्ध प्राथमिकी पंजीकृत कर ली है। थानाध्यक्ष पंतनगर नंदन सिंह रावत ने बताया कि पुलिस अब प्रमाण पत्र बनवाने में इस्तेमाल किए गए दस्तावेज और सत्यापन प्रक्रिया की भी जांच कर रही है।
