आगरा। चांदी खरीदने के बहाने व्यापारियों को भरोसे में लेकर नकली नोटों की गड्डी थमाकर ठगी करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को मंगलवार काे न्यू आगरा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 10 लाख 34 हजार 500 रुपये की अप्रचलित करेंसी और चार हजार रुपये की प्रचलित करेंसी बरामद की है। इनके पास से कार, दो मोबाइल फोन, आधार कार्ड और डेबिट कार्ड भी मिले हैं। आरोपितों में से एक दिल्ली और दूसरा गाजियाबाद का रहने वाला है। गाजियाबाद स्थित एक फर्म के साथ चांदी का कारोबार करने वाले इरशाद अली की वर्ष 2026 में आरोपित अमन वर्मा और सचिन वर्मा के माध्यम से डील हुई थी। व्यापारी को चांदी का भुगतान नहीं मिला था। दबाव बनाने पर आरोपितों ने भुगतान करने का भरोसा दिया।
28 सितंबर को आरोपितों ने व्यापारी को भगवान टाकीज बुलाया। वहां कपड़े में लिपटी एक लाख रुपये की गड्डी उसे दी गई। गड्डी में ऊपर 500 रुपये का नोट दिखाई दे रहा था और एक स्थान से गड्डी फटी हुई थी। व्यापारी ने आरोपितों के जाने के बाद गड्डी खोली तो उसमें एक नोट के अलावा नीचे सफेद कागज लगे मिले।
इसके बाद व्यापारी ने पुलिस को सूचना दी। शिकायत के आधार पर न्यू आगरा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने इस मामले में मंगलवार को न्यू आगरा क्षेत्र से गाजियाबाद निवासी अमन वर्मा और दिल्ली निवासी सचिन वर्मा को गिरफ्तार कर लिया। फरीदाबाद का रहने वाला उनका साथी हरेंद्र मौके से फरार हो गया। गिरफ्तार आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि वे चांदी खरीदने का सौदा करते थे। व्यापारी को विश्वास में लेकर कुछ रुपये और वास्तविक करेंसी देकर सौदा तय करते थे। चांदी प्राप्त करने के बाद पुरानी करेंसी के नोटों की गड्डियों पर कुछ प्रचलित नोट लगाकर व्यापारी को दिखाते और धोखाधड़ी करते थे। पुलिस के अनुसार, इस काम में हरेंद्र निवासी फरीदाबाद और एक अन्य व्यक्ति भी सहयोग करते थे।
