C-148-1-DRN1042-435600-1790934510507_m

हरिद्वार। चंडीघाट पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में एक परिवार के पांच सदस्यों समेत छह लोगों ने मुस्लिम धर्म छोड़कर सनातन धर्म अपनाने की घोषणा की। कार्यक्रम में गंगा स्नान, यज्ञ-हवन, धार्मिक विधि-विधान और नामकरण संस्कार कराया गया। तीर्थ सेवा न्यास के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम न्यास के अध्यक्ष तीर्थाचार्य संत राम विशाल दास महाराज के मार्गदर्शन में हुआ। पीलीभीत, उत्तर प्रदेश निवासी परिवार के पांच सदस्य और सहारनपुर निवासी एक युवक इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

परिवार के सदस्यों का हुआ नामकरण

सनातन परंपरा के अनुसार कराए गए धार्मिक संस्कारों के बाद परिवार के सदस्यों के नाम भी रखे गए। माहिद को मोहित, सबीना बीबी को खुशी, उनके दो पुत्रों को रोशन और रोहन, जबकि पुत्री को अनन्या नाम दिया गया। वहीं, सहारनपुर निवासी इब्राहिम का नामकरण संस्कार कर उन्हें विराट पुंडीर नाम दिया गया। यज्ञ-हवन और नामकरण संस्कार आचार्य कुलदीप विद्यार्थी एवं मुकेश शास्त्री ने संपन्न कराया।

संतों ने पुष्पवर्षा कर किया स्वागत

कार्यक्रम के दौरान मौजूद संत-महंतों और श्रद्धालुओं ने सनातन अपनाने वाले सभी लोगों का पुष्पवर्षा और माल्यार्पण कर स्वागत किया। तीर्थ सेवा न्यास की ओर से सभी को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए गए। तीर्थाचार्य संत राम विशाल दास महाराज ने कहा कि सनातन केवल पूजा-पद्धति नहीं, बल्कि सत्य, संस्कार, कर्तव्य, सेवा और सदाचार से जुड़ी जीवन-दृष्टि है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति अपनी आस्था और जीवन-पथ के संबंध में जो निर्णय लेता है, समाज को उसका सम्मान करते हुए सद्भाव और सहयोग की भावना रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि न्यास का उद्देश्य समाज में धर्म, संस्कार और सेवा की चेतना को मजबूत करना है। सनातन परंपरा में गंगा, यज्ञ, संस्कार और परिवार व्यवस्था का विशेष महत्व है।

आचार्य कुलदीप विद्यार्थी ने कहा कि समाज में जाति, भाषा और क्षेत्र के भेद से ऊपर उठकर आपसी सद्भाव और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने की जरूरत है। कार्यक्रम में पायलट बाबा आश्रम रायवाला के महंत करण गिरि, पालप देव आश्रम के महंत ओमदास, महंत हितेश दास, ठाकुर शुभम सिंह, राजेश कुमार समेत कई संत-महंत मौजूद रहे।

error: Content is protected !!