IMG_20260911_085553

देहरादून। उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं के मानदेय में बढ़ोतरी के बाद अब उत्तराखंड में भी आंगनबाड़ी कर्मियों को इस दृष्टि से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी है। उप्र ने अपने यहां आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का मानदेय प्रतिमाह 12,000 रुपये कर दिया है। इसी तर्ज पर राज्य में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का मानदेय बढ़कर 10 से 12 हजार रुपये के बीच या इससे अधिक हो सकता है। सहायिकाओं के मानदेय में भी वृद्धि की जाएगी। सरकार के स्तर पर मानदेय में बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर गंभीरता से मंथन चल रहा है और जल्द ही इस संबंध में निर्णय लिया जाएगा। इसके बाद ही तस्वीर साफ होगी कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं के मानदेय में कितना इजाफा होगा। राज्य में आंगनबाड़ी केंद्रों की संख्या 20,070 है। प्रत्येक केंद्र में एक कार्यकर्ता व सहायिका है।महिला एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाओं को धरातल पर मूर्त रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को वर्तमान में 9,300 रुपये और सहायिकाओं को प्रतिमाह 5,250 मानदेय मिलता है। यह भी वर्ष 2021 में मानदेय में बढ़ोतरी के बाद हुआ। अब जबकि उप्र में मानदेय में बढ़ोतरी हुई है तो राज्य के आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं के संगठन भी बढ़ती महंगाई के दृष्टिगत मानदेय में बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि दीपावली से पहले आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका के मानदेय में वृद्धि कर दी जाएगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं के हितों की रक्षा के लिए सरकार पूरी तरह सजग है। पूर्व में भी उनके मानदेय में वृद्धि की गई है और अब फिर से बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। यह सरकार का संकल्प भी है। जल्द ही इस सिलसिले में निर्णय लिया जाएगा।” -रेखा आर्या, महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री

error: Content is protected !!