काशीपुर । पूर्व उप ब्लाक प्रमुख हरदीप सिंह पर उसी की लाइसेंसी पिस्टल से बचपन के दोस्त ने सात राउंड फायर किए थे। उसके पेट में दो गोली लगी थी। उपचार के दौरान हरदीप ने दम तोड़ दिया था।लाखों रुपये के लेनदेन के विवाद में बचपन के दोस्त संदीप सिंह व उसकी पत्नी ने हत्या की साजिश रची। पुलिस ने हत्यारोपित दंपती को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में हत्या में प्रयुक्त लाइसेंसी पिस्टल, कारतूस व घटना में इस्तेमाल कार बरामद की है।
मंगलवार को घटना का पर्दाफाश करते हुए एसएसपी अजय गणपति ने बताया कि बीती 13 सितंबर को गुलजारपुर निवासी रजविंदर कौर ने कहा था कि उनके पुत्र हरदीप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। आरोप था कि संदीप सिंह ने अपनी पत्नी और मां के सामने हरदीप को गोली मारी। शुरुआती जांच में सामने आया कि घटना की मुख्य वजह रुपयों के लेन-देन को लेकर चला आ रहा पुराना विवाद था। पुलिस टीम ने आरोपित संदीप सिंह व उसकी पत्नी संदीप कौर को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में सामने आया कि घटना की रात हरदीप व संदीप ने ढाबे पर दारू पी और खाना खाकर दोनों संदीप के घर गए। जहां दोनों ने साथ बैठकर फिर कच्ची शराब पी। इसी दौरान रुपये लेन-देन के मामले में शुरू हुई बहस विवाद में बदल गई। आरोपित ने टेबल पर रखे पूर्व उपप्रमुख की पिस्टल से सात गोली चला दी, जिसमें से दो उसके पेट में लगी थी। हत्या के बाद साक्ष्य छिपाने और नष्ट करने की साजिश में आरोपित की पत्नी संदीप कौर भी शामिल थी। टीम में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली कुंडा धीरेंद्र कुमार, एसआइ सौरभ कुमार, गोविंद मेहता, मनोज देव, सोनू सिंह, नवीन जोशी, एएसआइ रविश राम शामिल रहे।
पुलिस पड़ताल में सामने आया कि हत्यारोपित संदीप ने हरदीप के 30 लाख रुपये देने थे। मृतक पूर्व उप ब्लाक प्रमुख ने आरोपित के नाम पर हरिद्वार से आठ लाख का एक सेकेंड हैंड बुलडोजर खरीदवाया था। हत्यारोपित 15 एकड़ जमीन का मालिक किसान है। दोनों बचपन के दोस्त थे। एसएसपी ने बताया कि हत्या के बाद पुलिस और स्वजन को गुमराह करने के लिए आरोपित खुद ही घायल को अस्पताल लेकर गया और मृतक के स्वजन को भी सूचना दी, ताकि किसी को उस पर शक न हो। वारदात के बाद आरोपित की पत्नी ने कमरे में फैले खून को साफ कर साक्ष्य मिटाने में पूरी मदद की, जिसके चलते पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, मामले में आरोपित की मां की संलिप्तता की भी पुलिस गहनता से जांच कर रही है। क्योंकि घटना के समय वह भी वहीं मौजूद थी।
