सितारगंज। करीब तीन साल के प्रेम संबंध के बाद प्रेमी ने स्वजन के दबाव में महिला से दूरी बना ली। 15 अगस्त को वह सितारगंज पहुंची और प्रेमी के ई-रिक्शा में बैठकर खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। हादसे में वह करीब 80 प्रतिशत झुलस गई थी। चार दिन तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद 19 अगस्त को एम्स ऋषिकेश में उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई थी। पुलिस ने विवेचना में आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित किए जाने के तथ्य सामने आने पर सोमवार को प्रेमी पवित्र सरकार को गिरफ्तार कर लिया।मुखर्जी नगर, रुद्रपुर निवासी दयाल चंद्र मंडल ने शक्तिफार्म के बैकुंठपुर निवासी पवित्र सरकार पर अपनी बेटी सरस्वती के ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगाने का आरोप लगाया था। तहरीर के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी पंजीकृत कर विवेचना शुरू की थी। जांच में सामने आया कि सरस्वती ने स्वयं पेट्रोल डालकर आग लगाई थी।
हालांकि, घटना से पहले पवित्र द्वारा उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और संबंध बनाए रखने के लिए दबाव डालने के तथ्य भी सामने आए। पुलिस के अनुसार, पवित्र सरकार शादीशुदा है और उसके दो बच्चे हैं। एक संस्था के माध्यम से काम करने के दौरान उसका सरस्वती से संपर्क हुआ था। सरस्वती पारिवारिक विवाद के कारण अपने पति से अलग दो बेटियों के साथ मायके में रह रही थी। दोनों के बीच करीब तीन साल तक प्रेम संबंध रहे। इसकी जानकारी पवित्र की पत्नी और स्वजन को हुई तो उन्होंने विरोध शुरू कर दिया। विवेचना में सामने आया कि पवित्र सरस्वती से संबंध बनाए रखने के लिए दबाव डालता था और उसके बिना नहीं रहने की बात कहता था। वहीं सरस्वती ने अपनी मां को बताया था कि पवित्र उसे परेशान करता है और उससे शादी करने का दबाव बना रहा है। वह उससे पीछा छुड़ाना चाहती थी। परिवार के विरोध के बाद पवित्र ने सरस्वती से बातचीत बंद कर दी। इस दौरान सरस्वती के नशीला पदार्थ खाने की बात भी सामने आई। उपचार के बाद वह पवित्र से मिलने शक्तिफार्म पहुंची थी। दोनों पक्षों को चौकी बुलाने के बाद पंचायत हुई। इसमें पवित्र ने परिवार के दबाव में सरस्वती से आगे संबंध नहीं रखने की बात कही और मोबाइल नंबर भी बंद कर दिया। करीब 10-12 दिन तक बातचीत नहीं होने से सरस्वती परेशान हो गई। इस दौरान उसने खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। सीओ डीआर वर्मा ने बताया कि विवेचना में सामने आए तथ्यों के आधार पर प्राथमिकी में धारा 118(1), 118(2) बीएनएस को धारा 108 बीएनएस में तरमीम किया गया है। पवित्र सरकार को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। मामले में अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
