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मेरठ। शाम तीन बजे अमरदीप और रविता को जेल से आनलाइन कोर्ट से जोड़ा गया। सवा तीन बजे अपर सत्र न्यायाधीश जयवीर नागर ने दोनों को मृत्युदंड सुनाया। सजा सुनते ही रविता बदहवास होकर जिला कारागार में जमीन पर गिर पड़ी, जबकि अमरदीप भी जमीन पर बैठ गया। रविता की हालत बिगड़ने पर जेल अस्पताल से तत्काल डॉक्टर को बुलाया गया। डाक्टर ने उसे उपचार दिया। इसके बाद भी रविता और अमरदीप के आंसू नहीं थमे।

वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि सजा मिलते ही दोनों मान चुके हैं कि उनकी जिंदगी खत्म हो गई है। दोनों की हालत काउंसलिंग लेने की भी नहीं है। ऐसे में जेल के डाक्टरों को उनके उपचार में लगाया गया है।

वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि मुकदमे की कोर्ट में सुनवाई पर रविता को ही हत्या का मास्टरमाइंड बताया गया। इसी के तहत अमरदीप को साढ़े तीन माह पहले कोर्ट से जमानत मिल गई थी। सात अक्टूबर को दोषसिद्ध होने के दिन ही बहसूमा पुलिस ने अमरदीप को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। उसके बाद से अमरदीप जेल में बंद है।

शुक्रवार को शाम तीन बजे ही दोनों को ऑनलाइन कोर्ट से जोड़ दिया था। सजा होने के बाद ही रविता और अमरदीप की तबीयत बिगड़ गई। फिलहाल रविता को उपचार दिया जा रहा है। अमरदीप को पुलिस ने समझाया। तब भी दोनों के आंसू रुक नहीं पा रहे है।

जेल प्रशासन की तरफ से अमरदीप को कैदी नंबर 400 और रविता को कैदी नंबर 399 से जाना जाएगा। उन्हें नंबर मुहैया करा दिए गए। साथ ही कैदी के कपड़े भी दोनों को दे दिए गए। अमरदीप को खेती का काम दिया गया है, रविता को सिलाई करने की जिम्मेदारी दी गई।

अमरदीप को साहिल की बैरक में रखा गया है, जबकि रविता की तबीयत में सुधार के बाद उसे मुस्कान वाली बैरक में भेज दिया जाएगा। बाद में दोनों को सेंट्रल जेल भेज दिया जाएगा। दोनों को जेल में समझाया गया कि निचली अदालत के निर्णय को लेकर हाईकोर्ट में अपील करेंगे। तबीयत सही होने पर रविता और अमरदीप की काउंसलिंग भी कराई जाएगी।

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