जमीन के फर्जी दानपत्र मामले में आरोपितों के नाम मुकदमे से हटाने के बदले 20 हजार रुपये मांगने के आरोप में चौकी प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। कथित सौदेबाजी का ऑडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। डीआईजी कलानिधि नैथानी के निर्देश पर एसएसपी ने कार्रवाई करते हुए विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
मामला यूपी के जिला मेरठ ग्राम पहाड़पुर का है। गांव निवासी सिपाही कपिल देव ने आरोप लगाया कि उनके भाई के साथ जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। आरोप है कि उनके भाई ने कथित रूप से कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जमीन अपने नाम दानपत्र के रूप में दर्ज करा ली।
मुकदमे से नाम हटाने के बदले रकम मांगने का आरोप
कपिल देव के मुताबिक, जमीन से जुड़े दस्तावेजों में 20 अगस्त 2025 और 3 जुलाई 2026 को कथित फर्जीवाड़ा किया गया। इस मामले में मवाना थाने में मुकदमा दर्ज होने के बाद विवेचना मवाना खुर्द चौकी पर तैनात दारोगा नीरज कुमार को सौंपी गई।
आरोप है कि 8 सितंबर को मुकदमा दर्ज होने के बाद चौकी प्रभारी विकास कुमार, दारोगा नीरज कुमार और दीवान सचिन कुमार ने आरोपित पक्ष को चौकी बुलाया। यहां मुकदमे से नाम हटाने के बदले 20 हजार रुपये मांगने की कथित सौदेबाजी हुई। बताया गया कि बातचीत के दौरान आरोपित पक्ष ने मोबाइल फोन से ऑडियो रिकॉर्डिंग कर ली। बाद में संबंधित लोग रिकॉर्डिंग लेकर डीआईजी कलानिधि नैथानी के पास पहुंचे। इसके बाद कथित सौदेबाजी का ऑडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो गया।
डीआईजी के निर्देश पर कार्रवाई
ऑडियो का संज्ञान लेते हुए डीआईजी कलानिधि नैथानी ने एसएसपी को कार्रवाई के निर्देश दिए। एसपी देहात अभिजीत कुमार ने बताया कि चौकी प्रभारी विकास कुमार, दारोगा नीरज कुमार और दीवान सचिन कुमार को निलंबित कर दिया गया है। मामले में विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं।
