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उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड सहित पांच राज्यों में अगले साल फरवरी-मार्च में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर बढ़ी सियासी सरगर्मी के साथ चुनाव आयोग ने भी अपनी तैयारी शुरू कर दी है। इस कड़ी में जो संकेत मिले है, उनमें उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव को इस बार तीन से चार चरणों में कराया जा सकता है। इससे पहले 2022, 2017 और 2012 में उत्तर प्रदेश का विधानसभा चुनाव सात चरणों में हुआ था। वहीं उत्तर प्रदेश के साथ जिन अन्य चार राज्यों में विधानसभा चुनाव होने है, उनमें मणिपुर को छोड़ दें तो पंजाब, उत्तराखंड व गोवा में एक-एक चरण में कराने की तैयारी है। इन राज्यों में पिछला चुनाव भी एक-एक चरण में ही हुआ था। वहीं मणिपुर में 2022 व 2017 की तरह दो चरणों में कराया जा सकता है। वैसे भी हाल ही में बिहार व बंगाल जैसे राज्यों के विधानसभा को दो चरणों में कराने बाद चुनाव आयोग के हौसले बढ़े हुए है। बिहार में 2015 में पांच चरणों में व 2020 में तीन चरणों में चुनाव हुए थे, जबकि आयोग ने 2025 में इसे दो चरणों में कराया है। इसी तरह पश्चिम बंगाल में भी 2016 में छह व 2021 में आठ चरणों में चुनाव हुए थे, जबकि 2026 में आयोग ने वहां दो चरणों में चुनाव कराया है। सूत्रों की मानें तो कुछ इसी तर्ज पर सात चरणों में होने वाले उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव को भी तीन से चार चरणों में कराने पर विचार किया जा रहा है। इसे लेकर जल्द ही राज्यों के साथ विचार विमर्श करने की तैयारी है। चुनाव के दौरान जिस तरह से फेंक नेरेटिव का चलन बढ़ा है, उसमें चुनाव आयोग भी चुनाव अवधि को छोटा रखने के ही पक्ष में रहता है। बिहार और बंगाल के चुनाव में उसने अपनी इस क्षमता को भी परखा है। चुनावी तैयारियों के इस क्रम में आयोग की टीमें सितंबर से अंतिम हफ्ते से चुनावी राज्यों का दौरा भी शुरू करेगी।सूत्रों की मानें तो इसके लिए टीमों के गठन का काम शुरू हो गया है। इस दौरान आयोग की टीमें सबसे पहले उन राज्यों में जांएगी, जहां एसआइआर का काम पूरा चुका है। जिसमें उत्तर प्रदेश, गोवा व मणिपुर शामिल है, जबकि पंजाब और उत्तराखंड में एसआइआर के तहत अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन अक्टूबर में होगा।

राज्य तिथि

मणिपुर 13 मार्च 2027

गोवा 14 मार्च 2027

पंजाब 16 मार्च 2027

उत्तराखंड 28 मार्च 2027

उत्तर प्रदेश 22 मई 2027

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