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ऋषिकेश। गंगा में राफ्टिंग का रोमांच जल्द लौटने वाला है। राफ्टिंग संचालन की तैयारियों को लेकर पर्यटन विभाग, साहसिक खेल विभाग और राफ्टिंग कारोबारियों की संयुक्त टीम ने रविवार को मरीन ड्राइव से निम बीच तक गंगा के जलस्तर, रैपिड्स और राफ्टिंग रूट का निरीक्षण किया। रेकी में गंगा का जलस्तर राफ्टिंग के अनुकूल पाया गया है। पर्यटन विभाग के विशेषज्ञों ने विभिन्न रैपिड्स और राफ्टिंग प्वाइंट्स की स्थिति का जायजा लिया। हर साल राफ्टिंग सीजन शुरू होने से पहले जलस्तर और रैपिड्स की स्थिति की जांच की जाती है। इसी रिपोर्ट के आधार पर राफ्टिंग संचालकों को सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं।

चरणबद्ध तरीके से खुलेंगे रूट

शुरुआत में जलस्तर के अनुसार ब्रह्मपुरी से ऋषिकेश तक करीब नौ किलोमीटर और शिवपुरी से ऋषिकेश तक करीब 16 किलोमीटर के रूट पर राफ्टिंग की अनुमति दी जाती है। इसके बाद गंगा का जलस्तर कम होने पर मरीन ड्राइव और कौडियाला से ऋषिकेश तक के लंबे रूट भी चरणबद्ध तरीके से खोले जाते हैं। मानसून के बाद ऋषिकेश में साहसिक पर्यटन गतिविधियां धीरे-धीरे शुरू हो रही हैं। कुछ दिन पहले मोहन चट्टी क्षेत्र में बंजी जंपिंग भी शुरू की गई है। अब राफ्टिंग शुरू होने से पर्यटन कारोबार को भी गति मिलने की उम्मीद है।

हजारों लोगों की आजीविका जुड़ी

ऋषिकेश के राफ्टिंग कारोबार से हजारों लोगों की आजीविका जुड़ी है। राफ्टिंग शुरू होने से टैक्सी और यूटिलिटी वाहन चालकों, एजेंटों और ट्रैवल एजेंसियों को भी काम मिलेगा। बरसात के दौरान राफ्टिंग बंद रहने से इनसे जुड़े लोगों का कारोबार प्रभावित होता है। जिला पर्यटन अधिकारी टिहरी गढ़वाल सोबत सिंह राणा ने बताया कि गंगा का जलस्तर अब राफ्टिंग के लिए अनुकूल है। परमिट और लाइसेंस के नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद विभाग की ओर से आधिकारिक तारीख घोषित की जाएगी। उनके अनुसार, हरी झंडी मिलने के बाद अगले पांच से छह दिनों में राफ्टिंग शुरू हो सकती है।

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