देहरादून के तपोवन में महज 300 रुपए के लिए एक प्लंबर ने बुजुर्ग दंपति और घर में महिला सहायिका की क्रूरता पूर्वक हत्या कर दी। ट्रिपल मर्डर के बाद जब आरोपी भाग रहा था तो पड़ोसियों ने आधा किलोमीटर पीछा कर उसे दबोचा। हत्यारोपी का नाम राजकुमार है। उसकी बर्बरता ने पूरे तपोवन इलाके को सन्न कर दिया है। आयुध निर्माणी से रिटायर रमेश कपूर के चेहरे पर राजकुमार ने पेचकस से चार-पांच गहरे वार किए। उनकी एक आंख भी फोड़ दी गई। वार इतना गहरा था कि आधी आंख बाहर निकल आई। पुलिस अब पड़ताल कर रही है।
तपोवन के तिहरे हत्याकांड ने हर किसी को सन्न कर दिया। यहां तक कि डॉक्टर भी तीनों के शरीर पर बर्बरता को देखकर सहम गए। दो साल से कपूर परिवार के घर आने वाला प्लंबर राजकुमार महज 300 रुपये के विवाद में खूंखार हत्यारा बन गया। पुलिस के अनुसार, 600 रुपये दिहाड़ी मांगने पर परिवार ने 300 रुपये दिए तो बहस हो गई। गुस्से में गया राजकुमार लौटा और पेंचकस से दंपति समेत तीन की हत्या कर दी। पुलिस की जांच और सीसीटीवी फुटेज से वारदात की पूरी टाइमलाइन सामने आई है।
600 रुपए दिहाड़ी मांगी थी, 300 रुपए देना चाहते थे रमेश कपूर
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल के मुताबिक, राजकुमार सुबह करीब 10:30 बजे काम करने आया था। दोपहर करीब एक बजे तक उसने काम पूरा किया और 600 रुपये दिहाड़ी मांगी। परिवार ने 300 रुपये दिए। इस पर उसकी बहस हुई और वह झुंझलाकर चला गया। वह अपना सामान भी घर में ही छोड़ गया। इसके बाद दोपहर 1:56 बजे वह दोबारा कपूर परिवार के घर पहुंचा। यहां रमेश कपूर से फिर कहासुनी हुई। इसी दौरान राजकुमार ने पेचकस से रमेश पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। पति को बचाने रजनी बीच में आईं तो आरोपी ने उनके चेहरे और पेट में भी पेंचकस घोंप दिया। चीख सुनकर सामने के घर से काम कर निकल रही तिलया देवी वहां पहुंचीं। उन्होंने बीच-बचाव की कोशिश की तो आरोपी ने उन पर भी वार कर दिए। इस दौरान आरोपी ने रजनी के गले से सोने की चेन खींच ली। इसके बाद वह घर से भागा तो लोगों ने उसे धरदबोचा।
राजकुमार पिछले पांच साल से दून में रह रहा है। दो साल से वह कपूर परिवार के संपर्क में था और उनके घर प्लंबिंग का काम करने जाता था। पुलिस अब उसके आपराधिक इतिहास, नशे की लत और पुलिस सत्यापन की गहनता से जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि स्थानीय थाने में उसका कोई रिकॉर्ड दर्ज था या नहीं। एसएसपी ने बताया कि आरोपी का बिजनौर से आपराधिक इतिहास निकलवाया जाएगा।
25 साल की उम्र में राजकुमार ने जिस नृशंसता से तीन हत्याओं को अंजाम दिया, उससे पुलिस भी हैरान है। मूल रूप से बांदा जिला बिजनौर का रहने वाला राजकुमार देहरादून के कोतवाली नगर थाना क्षेत्र के इंद्रेश नगर में किराये पर रहता था। वह पत्नी के साथ रहकर प्लंबिंग का काम करता था।
तपोवन में वारदात के बाद मोहल्ले के लोग रमेश कपूर, उनकी पत्नी रजनी कपूर और तिलया देवी को तुरंत कोरोनेशन अस्पताल ले गए। इमरजेंसी में तैनात डॉ. विक्रांत सिरोही और स्टाफ ने जब तीनों की हालत देखी तो सन्न रह गए। तीनों खून से लथपथ थे। आरोपी राजकुमार ने रजनी कपूर के चेहरे और छाती पर भी ताबड़तोड़ वार किए थे। वहीं, तिलया देवी के पेट में कई बार पेचकस घोंपा गया था। मेडिकल स्टाफ के मुताबिक, तीनों को बेहद गंभीर हालत में लाया गया था। उन्हें देखना मुश्किल हो रहा था। हालांकि, पेचकस से कुल कितने वार किए गए, इसकी सही स्थिति पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगी। फिलहाल तीनों शवों को कोरोनेशन अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया गया है। अब दंपति के बेटों के देहरादून पहुंचने का इंतजार है। संभवत: बुधवार को शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
कपूर दंपति आयुध निर्माणी से करीब बीस साल पहले रिटायर हुआ। इसके बाद दोनों तपोवन क्षेत्र में मकान बनाकर रह रहे थे। दंपति ने दोनों बच्चों को अच्छे से पढ़ाया-लिखाया। बड़ा बेटा आयुध निर्माणी की पुणे शाखा में नौकरी करता है। वो विवाहित है और दो बच्चे हैं। दूसरा बेटा दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता है।
