हल्द्वानी। खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से लिए गए दूध के पांच नमूने मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए हैं। इसमें कम मिल्क फैट और वसा रहित ठोस पदार्थ (एसएनएफ) तय मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया। दरअसल खाद्य सुरक्षा विभाग में सहायक आयुक्त एएस रावत और वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी अभय कुमार सिंह की टीम ने बीते पांच अगस्त को हल्द्वानी नगर निगम क्षेत्र से अलग-अलग डिस्ट्रीब्यूटर्स से दूध के नमूने इकट्ठे किए थे। इन्हें जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला, रूद्रपुर भेजा गया था। जांच में परम स्टैंडर्ड मिल्क, मधुसूदन काऊ मिल्क, हेल्थवेज स्टैंडर्ड मिल्क, गाय व भैंस के खुले मिक्स दूध और मदर डेयरी काऊ मिल्क में फैट की मात्रा निर्धारित मानकों से कम पाई गई। इसी तरह मधुसुदन काऊ मिल्क, हेल्थवेज स्टैंडर्ड मिल्क और गाय व भैंस के खुले मिक्स दूध का एसएनएफ भी कम पाया गया।
हालांकि, राहत की बात यह रही कि सभी नमूनों में स्टार्च, यूरिया, नमक, न्यूट्रलाइजर, शुगर और कृत्रिम सिंथेटिक रंग जैसी रासायनिक मिलावट की जांच निगेटिव पाई गई है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने संबंधित खाद्य कारोबारियों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।फैट कम होने से शरीर को दूध से मिलने वाली आवश्यक कैलोरी और फैट-सोल्यूबल विटामिन (जैसे विटामिन ए, डी, ई, के) सही मात्रा में नहीं मिल पाते। इसी तरह एसएनएफ कम होने का मतलब है कि दूध में प्रोटीन और कैल्शियम की मात्रा कम है। इससे बच्चों का शारीरिक-मानसिक विकास और बुजुर्गों की हड्डियों की मजबूती प्रभावित होती है।
