श्रीनगर। इंटरनेट मीडिया को कट्टरपंथ और आतंकी सोच फैलाने का माध्यम बनाने वालों पर सुरक्षा एजेंसियों ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (सीआईके) ने शनिवार को बडगाम के मगाम क्षेत्र के आच्छरदामा निवासी सिराज नबी पर्रे को कथित तौर पर इंटरनेट मीडिया के जरिये कट्टरपंथी और राष्ट्रविरोधी सामग्री प्रसारित करने के मामले में पकड़ा है।
सीआईके की जांच में उसके इंटरनेट मीडिया हैंडल पर ऐसी सामग्री मिली है, जो आतंकियों का महिमामंडन करते हुए स्थानीय युवाओं को आतंकी बनने और देश के खिलाफ हथियार उठाने के लिए उकसाती है। सीआईके के अनुसार, इंटरनेट मीडिया पर संदिग्ध तत्वों की निगरानी के दौरान कई पोस्ट, तस्वीरें और अन्य डिजिटल सामग्री सामने आई। इनमें कथित रूप से कट्टरपंथी नरेटिव को बढ़ावा देने, आतंकवाद से जुड़े लोगों की छवि को महिमामंडित करने और युवाओं तथा अन्य संवेदनशील लोगों को प्रभावित करने वाली सामग्री शामिल थी। एजेंसी का मानना है कि ऐसी सामग्री लोगों को कट्टरपंथ की ओर आकर्षित या प्रभावित करने में इस्तेमाल की जा सकती है।
कार्रवाई के बाद सिराज नबी पर्रे को प्रथम श्रेणी कार्यपालक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। उसके विरुद्ध बीएनएसएस की धारा 126/170 के तहत कार्यवाही शुरू की गई। मजिस्ट्रेट के आदेश पर आरोपित को आठ अगस्त से 17 अगस्त 2026 तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उसे सेंट्रल जेल, श्रीनगर में रखा गया है।
मामले की जांच अभी जारी है। सीआईके, आरोपित के डिजिटल डिवाइस और इंटरनेट मीडिया गतिविधियों को खंगाल रही है। जांच में कथित कट्टरपंथी सामग्री के स्रोत, उसके प्रसार में शामिल खातों और संपर्कों तथा किसी संभावित नेटवर्क से जुड़ी कड़ियों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। एजेंसी यह भी जांच रही है कि इंटरनेट मीडिया पर यह गतिविधि कितने व्यापक स्तर तक फैली हुई थी। सुरक्षा एजेंसियों ने अभिभावकों और युवाओं को इंटरनेट मीडिया पर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। पुलिस ने कहा है कि आतंकवाद का महिमामंडन करने, कट्टरपंथी विचारों को बढ़ावा देने, हिंसा या नफरत भड़काने वाली किसी भी सामग्री को साझा या फॉरवर्ड न करें। संदिग्ध खातों और अनजान लोगों के संपर्क में आने से बचने की भी अपील की गई है। ऐसी सामग्री सामने आने पर उसे आगे फैलाने के बजाय पुलिस को सूचित करने की सलाह दी गई है।
