मुजफ्फरनगर। भूमि जालसाज गिरोह ने हरियाणा के किसान की 104 बीघा भूमि हड़पने का प्रयास किया। गिरोह का एक मुस्लिम सदस्य किसान बन गया। उसके आधार एवं पैन कार्ड में नाम बदलवाकर पंजाब नेशनल बैक में खाता खुलवाया गया। इस भूमि पर किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से ऋण लेने का भी प्रयास किया गया, साथ ही भूमि को बेचने की तैयारी की गई थी। शिकायत के आधार पर एसएसपी ने साइबर थाना पुलिस से जांच कराई। जांच के बाद साइबर पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर धोखाधड़ी का राजफाश किया है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई को लेकर पीड़ित किसान ने आभार जताया।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने रविवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि पानीपत निवासी किसान सुरेंद्र कुमार ने अपने भाइयों के साथ मिलकर लगभग 20 साल पहले रामराज के खादर क्षेत्र के हंसावाला में 104 बीघा भूमि खरीदी थी। इसे उसने कुछ लोगों को बटाई पर दे रखा था। तीन दिन पूर्व किसान ने एसएसपी से मिलकर बताया था कि कुछ लोग उसकी भूमि को अवैध रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बेचने की कोशिश कर रहे हैं। उसके नाम से पंजाब नेशनल बैंक में फर्जी बैंक खाता खुलवाया गया है, जिस पर किसान क्रेडिट कार्ड से ऋण भी लेने का प्रयास किया गया। जांच साइबर थाना प्रभारी कर्मवीर सिंह को सौंपी गई। रविवार को साइबर थाना पुलिस ने तीन युवक अंकुर निवासी जड़वड़, ककरौली, रोबिन गांव हंसावाला, रामराज तथा आसिफ उर्फ बादशाह निवासी साऊदखेड़ी, हल्दौर, बिजनौर को गिरफ्तार किया। एसएसपी ने बताया कि इस गिरोह का सदस्य आसिफ उर्फ बादशाह फर्जी आधार और पैन कार्ड बदलवाकर किसान सुरेंद्र सिंह बना था। उसने ही फर्जी बैंक खाता खुलवाया। वर्तमान में भूमि की कीमत लगभग 12 करोड़ रुपये से अधिक है, जबकि इस पर केसीसी का ऋण भी लगभग 40 लाख रुपये से अधिक मिल सकता था। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपितों ने खतौली क्षेत्र के एक जनसेवा केंद्र से 30 हजार रुपये में फर्जी पैन व आधार कार्ड समेत विभिन्न कागजात तैयार कराए थे। पुलिस इस गिरोह के फरार सदस्यों की तलाश कर रही है।
