काशीपुर। मोहल्ला लक्ष्मीपुर पट्टी की खालिक कालोनी में शनिवार शाम निर्माणाधीन मकान के लिंटर की तैयारी के दौरान शटरिंग का एक हिस्सा अचानक गिर गया। हादसे में वहां मौजूद तीन सगे भाई शटरिंग के सामान के नीचे दब गए। हादसे में 28 वर्षीय जाकिर की मौत हो गई, जबकि उसके दो भाई शकील और युनूस घायल हो गए। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। बताया गया कि शनिवार शाम निर्माणाधीन मकान में लिंटर के लिए शटरिंग बिछाई जा रही थी। इसी दौरान जाकिर पुत्र जमील अपने भाइयों शकील और युनूस के साथ वहां मौजूद था। अचानक शटरिंग का एक हिस्सा भरभराकर गिर गया। तीनों भाई इसकी चपेट में आकर नीचे गिर गए और शटरिंग के सामान के नीचे दब गए। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। एसपी स्वप्निक किशोर सिंह, तहसीलदार पंकज चंदोला और कोतवाल हरेंद्र चौधरी भी मौके पर पहुंचे। पुलिस और दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद तीनों भाइयों को बाहर निकाला और सरकारी अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने जांच के बाद जाकिर को मृत घोषित कर दिया। शकील को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि युनूस को मामूली चोट होने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
जाकिर को मृत घोषित किए जाने के बाद अस्पताल की ओर से पुलिस को पीआई भेजी गई। इसके बाद दो पुलिसकर्मी शव को मोर्चरी में रखने के लिए अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां शव नहीं मिला। इससे पुलिस और अस्पताल कर्मचारियों में अफरातफरी मच गई पूछताछ में पता चला कि जाकिर के परिजनों को सरकारी अस्पताल के चिकित्सकों द्वारा मृत्यु की पुष्टि किए जाने पर भरोसा नहीं था। परिजन शव को लेकर बिना अस्पताल प्रबंधन को बताए एक निजी अस्पताल चले गए। वहां चिकित्सकों से जांच कराने के बाद वे शव को लेकर सीधे घर चले गए।
मामले की जानकारी मिलने पर सरकारी अस्पताल के सीएमएस डॉ. संदीप दीक्षित भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों से जानकारी ली और नाराजगी जताते हुए कहा कि जब अस्पताल में शव मौजूद नहीं था तो पुलिस को पीआई भेजने का औचित्य क्या था। उन्होंने कर्मचारियों को भविष्य में इस तरह की लापरवाही न बरतने की हिदायत दी। पुलिस के अनुसार परिजन शव का पोस्टमार्टम कराने से मना कर रहे हैं। पुलिस उनसे वार्ता कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक रविवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। जाकिर छह भाइयों में तीसरे नंबर का था। उसकी मौत से परिवार में शोक की लहर है।
