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कानपुर। दवा कारोबारी विपिन मिनोचा हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। कारोबारी की बहू शालू ने ही पूर्व नौकर विशाल गौतम को छह लाख रुपये की सुपारी देकर हत्या करवाई। जांच में सामने आया कि शालू ने विशाल से कहा था कि अगर पकड़े जाओ तो उसका नहीं, बल्कि उसके पति सुब्रत का नाम लेना। पूछताछ में बहू ने बताया कि ससुर ने निगरानी के लिए सीसी कैमरे लगवाए थे। इससे परेशान होकर साजिश रची। कानपुर के कल्याणपुर में रतन आर्बिट अपार्टमेंट में दवा कारोबारी विपिन मिनोचा की शनिवार रात को चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। रात करीब तीन बजे बेटा-बहू पार्टी से घर लौटे तो दवा कारोबारी बेडरूम में खून से लथपथ पड़े थे। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज में दो युवक फ्लैट में जाते और बाहर निकलते देखा गया। पुलिस के अनुसार, हत्या की जानकारी कारोबारी के बेटे सुब्रत को भी थी। बयान दर्ज करने के बाद पुलिस दोनों हत्यारोपितों के साथ शालू को भी जेल भेजने की तैयारी कर रही है। पूछताछ में शालू ने पुलिस को बताया कि उसके ससुर घर में उसे स्वतंत्रता से रहने नहीं देते थे। पूरे घर में सीसी कैमरे लगे थे और उसके आने-जाने पर नजर रखी जाती थी।

शालू ने बताया कि वह अपनी मर्जी के कपड़े तक नहीं पहन पाती थी। छोटी-छोटी बातों पर टोकाटाकी से वह परेशान थी। उसका आरोप है कि विपिन पूर्व नौकर विशाल को दोबारा नौकरी पर रखने के लिए भी तैयार नहीं थे। इसी वजह से हत्या की साजिश रची।पुलिस के मुताबिक, शालू ने ही विशाल को घर की डुप्लीकेट चाबी बनवाकर दी थी। करीब 15 दिन पहले सुब्रत और शालू विशाल को कार से परेड क्षेत्र लेकर गए थे। वहां शालू उसके साथ पैदल खरीदारी करने गई। इसके बाद वे गुमटी पहुंचे, जहां घर के दरवाजे की डुप्लीकेट चाबी बनवाई गई। विशाल ने पूछताछ में बताया कि पहले कारोबारी की सोते समय तकिया से मुंह दबाकर हत्या करने की योजना थी, ताकि मौत हार्ट अटैक जैसी लगे। लेकिन वारदात की रात वह और उसका साथी राजकिशोर कारोबारी के बेटे के बेडरूम में छिपे थे।

दवा कारोबारी विपिन वहां पहुंचे और लाइट जलाते ही दोनों सामने आ गए। राजकिशोर ने उनका हाथ पकड़ा और विशाल ने चाकू से ताबड़तोड़ वार कर उनकी हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद विशाल को रविवार को दो लाख रुपये और 15 दिन बाद चार लाख रुपये देने की बात तय हुई थी। घटना से पहले शालू ने गार्ड को विशाल का नाम ‘शुभम’ बताकर लिखवाया था, लेकिन वारदात वाली रात उसकी एंट्री रजिस्टर में न करने के लिए कहा था। हैरानी की बात यह है कि घटना के बाद जब पुलिस ने कारोबारी के बेटे सुब्रत को विशाल की फुटेज दिखाई तो उसने उसे पहचानने से इन्कार कर दिया। पुलिस के मुताबिक, सुब्रत विशाल को अच्छी तरह जानता था और पहले दो बार उसकी नौकरी भी लगवा चुका था। विशाल का खर्च भी करीब पांच साल से सुब्रत ही उठा रहा था।

फोरेंसिक टीम ने घटना वाली जगह से सुबूत जुटाए हैं। कारोबारी जिस कमरे में सोते थे, उसी में उनका शव मिला। बेड की चादर खून से सनी थी और फर्श पर भी चारों तरफ खून फैला था। कमरे में संघर्ष के निशान भी मिले हैं। पुलिस के मुताबिक, विनीत पर अचानक हमला किया गया। हमला होने के बाद उन्होंने बचने के लिए भागने की कोशिश की होगी। इसी दौरान कमरे में संघर्ष हुआ। कमरे में दूसरे सामान से छेड़छाड़ नहीं हुई है। इससे आशंका है कि हमलावर का मकसद सिर्फ हत्या करना था।

घटनाक्रम-

9:38 बजे रात : बेटा, बहू और पौत्र फ्लैट से पार्टी के लिए निकले।9:46 बजे : दो संदिग्ध युवक फ्लैट में दाखिल हुए।

10:58 बजे : दवा कारोबारी विनीत मिनोचा दुकान बंद कर घर पहुंचे।

11:28 बजे : दोनों संदिग्ध फ्लैट से बाहर निकलते दिखाई दिए।

3:00 बजे तड़के : बेटा-बहू पार्टी से लौटे तो घटना की जानकारी हुई।

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