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कुपोषण भारत में सबसे बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक बना हुआ है। यह जीवन के विभिन्न चरणों में महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य विकास, सीखने और उत्पादकता को प्रभावित करता है। इस चुनौती से समन्वित तरीके से निपटने के लिए भारत सरकार पोषण अभियान चलाती है। हर साल सितंबर माह में पोषण माह आयोजित होता है जिसमें खास तौर पर आंगनवाड़ियों में छोटे बच्चों और मात्र पोषण को अच्छा करने और इस ओर जागरुकता पैदा करने के लिए विशेष प्रयास किये जाते हैं। इस वर्ष नौ सितंबर को नौंवां राष्ट्रीय पोषण माह शुरू हो रहा है। इसका शुभारंभ वाराणसी से केंद्रीय महिला बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी करेंगी। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद होंगे। इस बार फोकस आंगनवाड़ी केंद्रों में सामुदायिक भागीदारी और जवाबदेही, पोषण तथा प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास पर रहेगा। आंगनवाड़ी केंद्रों में पोषण सेवाओं की निगरानी आंगनवाड़ी समितियां करेंगी।

नौवें राष्ट्रीय पोषण माह का थीम हमारी आंगनवाड़ी हमारी जिम्मेदारी है। आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों के लिए पोषण स्वास्थ्य देखभाल और प्रारंभिक शिक्षा की पहली कड़ी हैं। इस अभियान में पांच प्रमुख विषयों पर ध्यान दिया जाएगा। जिसमें अहार में विविधता और पर्याप्त प्रोटीन, आंगनवाड़ी केंद्रों में ताजा और गर्म पका हुआ भोजन, सामुदायिक भागीदारी और जवाबदेही, बच्चों के विकास के लिए पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और प्रधानमंत्री मात्र वंदन योजना के दस वर्ष । मंत्रालय ने बताया कि इस वर्ष का अभियान संशोधित पूरक पोषण कार्यक्रम दिशा निर्देशों से भी गति प्राप्त करेगा। पहली बार गर्म पके भोजन को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है और मैन्यू बोर्ड लगाना अनिवार्य किया गया है।

सामुदायिक भागीदारी और जवाबदेही को भी इस वर्ष प्रमुख विषय बनाया गया है। इसके तहत सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में आंगनवाड़ी प्रबंध समितियों के गठन और उनके प्रभावी संचालन में तेजी लायी जाएगी। मंत्रालय ने बताया कि हर आंगनवाड़ी केंद्र पर कम से कम एक आंगनवाली प्रबंध समिति की बैठक आयोजित की जाएगी। आंगनवाडी़ प्रबंध समिति पोषण सेवाओं की निगरानी करेंगी। पोषण माह के दौरान प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र पर प्ररांभिक बाल देखभाल एवं शिक्षा दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर माता पिता और बच्चों की संयुक्त गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।प्रत्येक केंद्र पांच से छह वर्ष के बच्चों के लिए नजदीकी सरकारी विद्यालयों का भ्रमण भी आयोजित करेगा। पोषण माह 2026 में प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना के 10 वर्ष भी पूरे होंगे। मंत्रालय के अनुसार इस दौरान सौ प्रतिशत पात्र गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को योजना में शामिल करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। पोषण अभियान की शुरुआत 2018 में की गई थी। राष्ट्रीय पोषण माह हर वर्ष सितंबर में मनाया जाता है।

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