की अगली किस्त किसानों तक पहुंचाने के पहले अभी सत्यापन तेजी से कृषि विभाग कर रहा है। इसमें पति-पत्नी को एक साथ लेते पाया गया है। जबकि दोनों में किसी एक को लाभ मिल सकता है। ऐसे 8200 कृषकों चिह्नित किया गया है। इन्हें अब एक लाभार्थी की धनराशि को जमा करने के लिए नोटिस जारी होगी। नवंबर के प्रथम सप्ताह में आने वाली पीएम सम्मान निधि का लाभ तीन लाख 80,000 किसानों को मिलेगा। हालांकि विभाग अभी भी सत्यापन जारी है। उक्त योजना में पंजीकृत किसानों की संख्या अब चार लाख तीन हजार 988 हो गई है, इन सभी किसानों का पंजीयन कृषि विभाग के पोर्टल पर दर्ज हैं। इसमें कुछ किसानों ने ई-केवाइसी की प्रक्रिया नहीं पूरी की है। कुछेक का सत्यापन भी अटका हुआ है। ऐसे में इस बार पात्रता सूची में शामिल नहीं हो सकेंगे। इन्हें इस बार भी सम्मान निधि का लाभ पाने से वंचित होना पड़ेगा। कृषि विभाग ने सत्यापन कराया तो इसमें ई-केवाइसी न करने वाले 22,527 किसानों को पिछली किस्त का लाभ मिला था।
इसी तरह 8200 किसान ऐसे चिह्नित किए गए हैं, जिन्होंने किसी भी कारण योजना का लाभ दो स्रोतों से लेते रहे। एक ही किसान को बैंक खाता विवरण एवं खतौनी देकर दोहरा लाभ लेने का मामला विभाग के संज्ञान में आया। सत्यापन में ऐसे किसानों को चिह्नित किया जा रहा है। इन किसानों को नोटिस जारी करके अतिरिक्त धन वापसी की मांग करेगा, ऐसा नहीं करने पर उन किसानों की किस्त रोक दी जाएगी। उप कृषि निदेशक अश्विनी कुमार ने बताया कि योजना की 24वीं किस्त ई-केवाइसी पूर्ण कर लेने वाले किसानों के ही खाते में भेजी जाएगी। दोहरा लाभ लेने वाले किसानों को एक किस्त की धनराशि वापस करना पड़ेगा।
