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ग्रेटर नोएडा। नोएडा एसटीएफ टीम ने कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) द्वारा आयोजित सीएपीएफ, एसएसएफ कॉन्स्टेबल और असम राइफल्स राइफलमैन भर्ती परीक्षा-2026 में हाईटेक तरीके से नकल कराने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान राजस्थान के अलवर जिला अंतर्गत देसूला के कृष्णा कॉलोनी निवासी लोकेश के रूप में हुई। उसके कब्जे से 92 मोडिफाइड टीएफटी स्क्रीन समेत लाखों के इलेक्ट्रानिक उपकरण बरामद हुए हैं।

एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक राजकुमार मिश्र के मुताबिक, यह गिरोह परीक्षा केंद्रों में प्राक्सी सर्वर लगाकर और सर्वर हैक कर अभ्यर्थियों को नकल कराता था। इस मामले में 22 अप्रैल 2026 को नॉलेज पार्क कोतवाली क्षेत्र स्थित बालाजी डिजिटल जोन के सेंटर मालिक प्रदीप चौहान और हैकर अमित राणा सहित सात आरोपियों को 50 लाख नगद और प्राक्सी सर्वर के साथ गिरफ्तार किया गया था।

इसके बाद गिरोह के आठवें सदस्य इंद्रजीत उर्फ योगी भी धरा गया था, जबकि गिरोह का मास्टर माइंड लोकेश फरार था। उसकी तलाश की जा रही थी। जांच में पता चला था कि लोकेश ही इस गिरोह को मोडिफाइड टीएफटी स्क्रीन सप्लाई करता था। लोकेश अलवर में मानसी इन्फोटैक नाम से दुकान चलाता है। 2017 में हरियाणा के अंकुर से उसने यह तकनीक सीखी थी।

इसके बाद वह यूपी, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, महाराष्ट्र में यह स्क्रीन सप्लाई कर रहा था। एक स्क्रीन बनाने में 40 हजार का खर्च आता था और वह 5000 रुपये अलग से लेता था। एसटीएफ ने लोकेश के घर से 92 टीएफटी स्क्रीन के अलावा, 45 वीजीए (ग्राफिक्स कार्ड), 14 रेसबेरीपाई, दो वाईफाई डोंगल, लैपटॉप, केबल और अन्य उपकरण बरामद किए।

जांच में यह भी पर्दाफाश हुआ कि परीक्षा केंद्र पर बाहर से देखने में सामान्य लगने वाली इस स्क्रीन को वाईफाई डोंगल से बाहर किसी सिस्टम पर स्ट्रीम कर दिया जाता था। वहां बैठा साल्वर प्रश्न हल कर उत्तर भेज देता था। ये राउटर और डोंगल जैमर की रेंज से बाहर काम करते थे। आरोपी के खिलाफ नालेज पार्क कोतवाली में मामला दर्ज है। एसटीएफ अब गिराेह से जुडे अन्य सदस्यों की जानकारी जुटा रही है।

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