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उत्तराखंड। रुद्रपुर जिस घर में सोमवार सुबह तक बच्चों की आवाज और माता-पिता की मौजूदगी थी, वहां अब मातम पसरा है। एक दर्दनाक सड़क हादसे ने महज कुछ पलों में 18 वर्षीय प्रियंका और 14 वर्षीय यश से उनके मां-बाप का साया छीन लिया। संतोष यादव और उनकी पत्नी सुनीता यादव की मौत की खबर सुनकर दोनों बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। मंगलवार को गोरखपुर से पहुंचे स्वजन ने पोस्टमार्टम हाउस में बेटे और बहू के शव देखे तो माहौल चीख-पुकार से गमगीन हो गया। मूलरूप से उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के चौरी चौरा थाना क्षेत्र के झगहा बकसुरी गांव मेवड़ी निवासी 48 वर्षीय संतोष यादव सिडकुल स्थित नेस्ले कंपनी के प्रोडक्शन विभाग में तैनात थे।

वह करीब 14 वर्षों से रुद्रपुर के धर्मपुर गांव में पत्नी 40 वर्षीय सुनीता यादव, बेटी प्रियंका और बेटे यश के साथ रह रहे थे। परिवार ने यहां अपना मकान भी बना लिया था। सोमवार शाम संतोष और सुनीता रिंग रोड से दानपुर की ओर से धर्मपुर पैदल लौट रहे थे।

इसी दौरान तेज रफ्तार कार ने दोनों को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों उछलकर सड़क से नीचे दूर जा गिरे। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी। माता-पिता की मौत की खबर मिलते ही प्रियंका और यश बदहवास हो गए। मंगलवार को संतोष के पिता राम चंद्र यादव, मां द्रोपती देवी समेत अन्य स्वजन गोरखपुर से रुद्रपुर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। बेटे और बहू के शव देखते ही स्वजन फूट-फूटकर रो पड़े। राम चंद्र यादव ने बताया कि उनके तीन पुत्र और एक पुत्री हैं। संतोष उनका सबसे बड़ा बेटा था। उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

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