काशीपुर। दुकान पर काम करने वाले कर्मचारी के जन्मदिन पर रविवार रात पार्टी मनाकर लौट रहे टेंट व्यवसायी कार में शव मिला। उसके गले पर चोट का गहरा निशान होने और वहां उसके दोनों मोबाइल फोन गायब होने की वजह से स्वजन ने हत्या का आरोप लगाया। पुलिस को भी प्रथम दृष्टया मामला हत्या का प्रतीत हुआ। पुलिस ने साथ पार्टी करने वाले दोनों किशोरों को उठाकर पूछताछ कर रही है। सोमवार सुबह राजपुर-प्रतापपुर रोड पर भल्ला पुल के पास सड़क किनारे खेत में घुसी कार में शव बरामद मिला। इसकी सूचना एक दूधिया ने पुलिस और स्वजन को दी। मृतक की पहचान ग्राम बाजावाला, ढकिया नंबर एक, कुंडेश्वरी निवासी संजीव पुत्र सोहन सिंह के रूप में हुई है। उसकी रामनगर के थारी में टेंट की दुकान है।
दुकान पर शिवम नाम का युवक तीन साल से काम कर रहा है। रविवार को शिवम का जन्मदिन था, इस सिलसिले में संजीव, शिवम और एक अन्य युवक के साथ जन्मदिन मनाने रामनगर कोसी पुल की ओर गए थे, जहां सभी ने साथ में बियर पी। इसके बाद लौटते समय संजीव ने दोनों को घर छोड़ दिया था।
सोमवार सुबह राजपुर-प्रतापपुर रोड पर भल्ला पुल के समीप से गुजर रहे एक दुधिया ने खेत में कार को देखा, जिसके अंदर संजीव का शव पड़ा था। उसने तुरंत ग्रामीणों को सूचना दी, जिसके बाद स्वजन को इसकी जानकारी दी गई। शुरुआती दौर में मामला सड़क दुर्घटना का लग रहा था, लेकिन घटनास्थल की स्थिति ने मामले को संदिग्ध बना दिया। मृतक के चचेरे भाई शिव प्रसाद सिंह ने बताया कि संजीव के माता-पिता का पूर्व में ही देहांत हो चुका है। परिवार में उनकी 20 वर्षीय छोटी बहन आरती है। संजीव का विवाह 5 वर्ष पूर्व निशा से हुआ था और उनकी एक 3 वर्ष की बेटी हर्षिता है। घटना के बाद से स्वजन बेहाल है। सीओ प्रशांत कुमार ने बताया की तथ्य पुष्टि के लिए शव का पोस्टमार्टम पैनल से करवाया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पोस्टमार्टम के दौरान संजीव के सिर और गर्दन पर गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं। इसके अलावा, कार का एक दरवाजा खुला हुआ था और मृतक के दोनों मोबाइल फोन मौके से गायब थे। इन तथ्यों के सामने आने के बाद परिजन व पुलिस भी हत्या की आशंका जता रहे हैं। पुलिस के अनुसार जब शव को मोर्चरी भिजवाया जा रहा था, तो गाड़ी के आगे की सीट पर खून फैला हुआ था, जो पिछली सीट तक फैला हुआ था। मृतक के सिर के पिछले हिस्से में गहरा घाव था पुलिस ने दोनों किशोरो को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। वे दोनों ही अंतिम बार संजीव के साथ देखे गए थे। सीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि दोनों अपने बयान बार-बार बदल रहे हैं।
दोपहर बाद संदिग्ध घाव दिखने के बाद पुलिस हरकत में आई। जिसके बाद उच्चाधिकारियों को भी घटना की जानकारी दी गई। जिसके बाद घटनास्थल पर डाग स्क्वाड और फोरेंसिक की टीमों ने भी गहन जांच पड़ताल की। टीम अपने साथ अहम सुराख एकत्र कर ले गई है। संजीव की मौत का राज पुलिस खोलने में जुट गई है। सूत्रों के अनुसार संजीव को गोली लगी थी और अंदर ही फंस गई थी। पोस्टमार्टम में उसकी गर्दन से गोली निकाली गई है। हालांकि पुलिस इस मामले में कुछ कहने से बच रही है। अब पुलिस को पता लगााना है कि संजीव पर गोली किन परिस्थितयों में चली है।
