पीलीभीत। ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के भुगतान में ई-ग्राम स्वराज व पंचायत गेटवे पोर्टल की अनदेखी करने पर सीडीओ सतीश प्रसाद मिश्र ने जिले के 11 पंचायत सचिवों व ग्राम विकास अधिकारियों का सितंबर माह का वेतन रोक दिया है और तीन दिन के भीतर साक्ष्यों के साथ स्पष्टीकरण मांगा है। शासन की मंशा है कि ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों और खर्चों में पूरी पारदर्शिता रहे। पूर्व में शासन की ओर से अनुस्मारक पत्र भेजकर निर्देश दिए गए थे कि कार्ययोजना के सापेक्ष सभी भुगतान पंचायत गेटवे पोर्टल के माध्यम से ही किए जाएं। इसके बावजूद जिले के सात ब्लाकों की 13 ग्राम पंचायतों में 15वें एवं पंचम वित्त आयोग के अंतर्गत एक जुलाई से 31 जुलाई के बीच कुल 63 बाउचरों का भुगतान गेटवे पोर्टल का प्रयोग किए बिना कर दिया गया। इन 63 वाउचरों के माध्यम से कुल 11,86,756 रुपये की धनराशि का भुगतान पोर्टल के बाहर से किया गया। पदीय दायित्वों के निर्वहन में बरती गई इस लापरवाही के कारण राज्य स्तर पर आउट आफ गेटवे पोर्टल भुगतान में जिले का नाम प्रदर्शित हो रहा था। जिसके लिए इन सचिवों को पूर्ण रूप से उत्तरदायी माना गया है। जिन 11 सचिवों पर यह कार्रवाई की गई है, उनमें अमरिया ब्लाक के सचिन कुमार, शिखा व वीरेंद्र कुमार, बरखेड़ा ब्लाक के करन सिंह नवियाल, बिलसंडा ब्लाक के धर्मेन्द्र कुमार व कृष्ण पाल सिंह, बीसलपुर ब्लाक के राहुल कुमार, ललौरीखेड़ा ब्लाक के प्रकाश राम आर्या, मरौरी ब्लाक के मनोरंजन कुमार सिंह व विजयपाल सिंह और पूरनपुर ब्लाक के पंकज कुमार आर्या शामिल हैं। आंकड़ों को देखें तो सबसे अधिक लापरवाही अमरिया ब्लाक की ग्राम पंचायत उदयपुर और सरैनीतुर्कुनिया में सामने आई है। जहाँ सचिव शिखा की ओर से 30 वाउचरों के जरिए 4.70 लाख रुपये से अधिक का भुगतान किया गया। वहीं, ललौरीखेड़ा में सचिव प्रकाश राम आर्या ने 11 वाउचरों के माध्यम से करीब 3.96 लाख रुपये का भुगतान बिना गेटवे पोर्टल के किया।कार्ययोजना के सापेक्ष पंचायत गेटवे पोर्टल के माध्यम से भुगतान में लापरवाही बरतने को लेकर ये कार्रवाई की गई है। सभी को तीन दिनों के भीतर साक्ष्यों के साथ कार्यालय में स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं। समयसीमा के भीतर संतोषजनक जवाब न मिलने पर अग्रिम विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
सतीश प्रसाद मिश्रा, सीडीओ
