लखनऊ। लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में मरीजों को उच्चस्तरीय और समयबद्ध इलाज उपलब्ध कराने के लिए बड़े पैमाने पर नियमित भर्ती की तैयारी है। संस्थान में 150 नियमित डाक्टरों के साथ ही 863 नर्सिंग आफिसर, पैरामेडिकल स्टाफ और क्लर्क के स्थायी पदों पर भर्ती की जाएगी। शासन से मंजूरी मिलने के बाद विभिन्न पदों पर भर्ती का विज्ञापन अक्टूबर दूसरे सप्ताह में जारी होगा। इससे लंबे समय से रिक्त चल रहे पदों को भरने के साथ ही संस्थान में बढ़ते मरीजों के दबाव को कम करने में मदद मिलेगी। संस्थान में ओपीडी, इमरजेंसी और विभिन्न सुपर स्पेशियलिटी विभागों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। साथ ही नई चिकित्सा सुविधाओं और विभागों का विस्तार भी किया जा रहा है। भर्ती पूरी होने के बाद शहीद पथ स्थित परिसर में निर्माणाधीन 100 बेड के क्रिटिकल केयर मेडिसिन यूनिट और मुख्य कैंपस में 45 बेड की अत्याधुनिक इमरजेंसी का शुभारंभ हो सकेगा।
लोहिया संस्थान में चिकित्सा सेवाओं के विस्तार के साथ मरीजों का दबाव भी बढ़ रहा है। वर्ष 2022-2023 में जहां ओपीडी में प्रतिदिन 3000-3500 मरीज आते थे, वहीं अब यह आंकड़ा बढ़कर 4500-5000 हो गया है। पिछले दो वर्ष में संस्थान में कई नए विभाग बढ़े हैं और इमरजेंसी में बेड की संख्या में भी वृद्धि हुई। नई मशीनों और आधुनिक उपचार सुविधाओं के संचालन के लिए भी प्रशिक्षित मानव संसाधन की जरूरत है। अस्पताल की व्यवस्थाओं में डाक्टरों के साथ नर्सिंग आफिसर और पैरामेडिकल स्टाफ की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। भर्ती होने वाले कर्मचारियों की तैनाती मरीजों की संख्या और विभागों की जरूरत के अनुसार की जाएगी। इसके अलावा सीनियर व जूनियर रेजिडेंट के साथ गैर-शैक्षणिक के 72 पद आउटसोर्स से भरे जाएंगे। संस्थान में पिछले साल 165 स्थायी डाक्टरों और 750 नर्सिंग, पैरामेडिकल व टेक्नीशियन की भर्ती हुई थी।
निदेशक प्रो. सीएम सिंह के मुताबिक, संस्थान में 100 बेड का क्रिटिकल केयर मेडिसिन यूनिट लगभग तैयार हो चुका है, जिसके लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ प्रशिक्षित नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ की जरूरत है। वर्तमान में मानव संसाधन की उपलब्धता को देखते हुए नई सुविधाओं को पूरी क्षमता से शुरू करना चुनौतीपूर्ण है। प्रस्तावित भर्ती से इस कमी को दूर करने में मदद मिलेगी। गंभीर मरीजों को लंबे समय तक निगरानी और विशेष उपचार की जरूरत होती है। क्रिटिकल केयर यूनिट शुरू होने के बाद वेंटिलेटर सपोर्ट, नियमित निगरानी व विशेषज्ञ चिकित्सकीय देखरेख जैसी सुविधाओं को और बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा। संस्थान में 45 बेड की नई इमरजेंसी शुरू होने से आपातकालीन सेवाओं की क्षमता में इजाफा होगा। वर्तमान में इमरजेंसी में आने वाले गंभीर मरीजों को तत्काल उपचार, निगरानी और जरूरत पड़ने पर भर्ती की सुविधा उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण होता है, क्योंकि मौजूदा समय में इमरजेंसी में सिर्फ 75 बेड है, जबकि प्रतिदिन आने वाले रोगियों की संख्या इससे तीन से चार गुना अधिक है। इसके अलावा मुख्य परिसर में प्रदेश का पहला सेंटर फार ट्रांसप्लांट भी तैयार है, जहां एक छत के नीचे लिवर, किडनी और बोनमैरो ट्रांसप्लांट होगा। इस सेंटर को भी विशेषज्ञ डाक्टर और स्टाफ का इंतजार है।
भर्ती वाले विभाग
प्रो. सीएम सिंह ने बताया कि न्यूरोसर्जरी, न्यूरोलाजी, कार्डियोलाजी, सीवीटीएस, यूरोलाजी, मेडिकल आंकोलाजी, सर्जिकल आंकोलाजी, इमरजेंसी मेडिसिन, क्लीनिकल हिमेटोलाजी, सीसीएम, नेफ्रोलाजी, एनेस्थीसियोलाजी, पीडियाट्रिक हेपेटोलाजी, पीडियाट्रिक सर्जरी, बायोकेमेस्ट्री, माइक्रोबायोलाजी, पैथोलाजी, रेडियोडायग्नोसिस और ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग के लिए असिस्टेंट प्रोफेसर से प्रोफेसर के कुल 150 पदों पर डाक्टरों की भर्ती होगी।इसके अलावा नर्सिंग अधिकारी के लिए 451, वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी के 125, सहायक नर्सिंग अधीक्षक के 28, उप नर्सिंग अधीक्षक के चार और नर्सिंग अधीक्षक के दो पद समेत गैर-शैक्षणिक के कुल 863 पदों पर भर्ती होगी।
