रूद्रपुर। जीएसटी के विभागीय अधिकारियों द्वारा नगर में पिछले कई दिनों से व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर की जा रही छापेमारी से रोषित व्यापारियों ने आज रविवार को दोपहर तक अपने प्रतिष्ठान बंद कर मुख्य बाजार में धरना देकर जीएसटी विभाग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
व्यापारियों का आरोप है कि अधिकारियों द्वारा जानबूझकर व्यापारियों का आर्थिक व मानसिक शोषण किया जा रहा है। उनका कहना है कि प्रदेश में बरसात के कारण जीएसटी की वसूली कम होने के कारण अब व्यापारियों पर जबरन दबाव बनाया जा रहा है। जबकि व्यापारियों का पहले से ही विभाग के पास अग्रिम कर जमा है। जिसे वापस करने के लिए अधिकारी कोई कदम नहीं उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी छापेमारी से यह साबित करना चाह रहे हैं कि व्यापारी वर्ग सरकार को टैक्स नहीं दे रहा है जबकि वास्तविक स्थिति ठीक इसके विपरीत है। उन्होंने कहा कि यदि अधिकारियों द्वारा व्यापारियों का उत्पीड़न बंद नहीं किया गया तो इसके खिलाफ आन्दोलन तेज कर दिया जायेगा।
उनका आरोप था कि विभागीय अधिकारी निजी स्वार्थों के चलते बड़े औद्यौगिक प्रतिष्ठानों पर छापेमारी नहीं कर छोटे व्यापारियों का ही उत्पीड़न करते हैं जिसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने कहा आज केवल सांकेतिक बंद किया गया है। यदि विभागीय अधिकारियों ने अपना रवैया नहीं सुधारा तो बाजार अनिश्चितकालीन बंद करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
इस दौरान संजय जुनेजा, मनोज छावड़ा, संदीप राव, गुरमीत सिंह, प्रभात खुराना, जितेन्द्र साहनी, शिवा चावला, कंवलजीत बठला, राजेश कामरा, दिलीप गुगलानी, सोनू अनेजा, देवीदयाल अनेजा, मांगेराम गर्ग, राजीव गंभीर, राजकुमार अरोरा, राजकुमार कालरा, वीरेन्द्र अरोरा, प्रीतम गुगलानी, विक्की अनेजा, दीपक ग्रोवर, मयंक माटा, गुरदेव सिंह, विभोर बठला, संदीप विजन आदि व्यापारी मौजूद थे।
