प्रभागीय लौंगिंग प्रबंधक पूर्वी हल्द्वानी में कार्यरत रहे कंप्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ मुखानी कोतवाली में मंगलवार रात डीएलएम की तहरीर पर धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज की गई है। विभागीय जांच में सामने आया कि आरोपी ने सीएम के उप सचिव के नाम से ई-मेल आईडी बनाकर लोगों को धमकाया। विभागीय भुगतान फर्जी बिलों के जरिए लिया। इसी तरह के कई अन्य आरोप भी लगे हैं। जांच के बाद कंप्यूटर ऑपरेटर को पहले ही ब्लैक लिस्टेड करके बाहर किया जा चुका है। प्रभागीय विक्रय प्रबंधक उपेंद्र सिंह ने तहरीर में पुलिस को बताया कि विभाग में तैनात रहे कंप्यूटर ऑपरेटर महेंद्र सिंह बिष्ट विभिन्न कार्य दिवस में प्रभागीय कार्यालय के बायोमेट्रिक मशीन में छेड़छाड़ की। उपस्थिति पंजिका मशीन में दर्ज उपस्थिति एवं अवकाश अवधि में भी भिन्नता मिली। इसके अलावा सूचना का अधिकार पोर्टल पर एक आरटीआई आवेदन मिलने पर उसने पोर्टल का पासवर्ड ही अनधिकृत रूप से परिवर्तित कर लॉक कर दिया। स्वतंत्रता दिवस एवं बैठकों के दौरान विभागीय स्तर पर जलपान खर्च के भुगतान के लिए फर्जी रेस्टोरेंट के नाम पर बिल बनाकर 4635 रुपये का गबन किया। आरोपी ने फर्जी नाम से स्टाम्प पेपर खरीद कर खुद के मोबाइल नंबर और फेक ईमेल आईडी से इसी बिल का इस्तेमाल कर शिकायत भी कर दी।
उपेंद्र सिंह ने बताया कि वन विकास निगम के कार्मिकों को स्थानांतरण का प्रलोभन दिया। सहायक लेखाकार मोहन कुमार के नाम का इस्तेमाल कर अनुसूचित जाति आयोग में शिकायत भी कर दी जबकि अपने कई नंबरों को ट्रू कॉलर पर सीएम ऑफिस, उपसचिव सीएम, वन विभाग, एचएसओ लालकुआं, इनकम टैक्स, कमिश्नर, नाबार्ड आदि नामों से सेव कर लिया ताकि सामने वाले को प्रभाव में लिया जा सके। सीएम के उपउचिव के नाम से फर्जी ईमेल आईडी बना लिया ताकि इसका इस्तेमाल कर लोगों को धमकाने, गुमराह करने एवं धोखाधड़ी में किया जा सके।
