रानीखेत। नगर से कुछ दूर सुंदरखाल के जंगल में लापता जिस युवती को खोजने को ड्रोन उड़ाए गए। डाग स्क्वायड बुलाया गया।पुलिस, एसडीआरएफ व दमकल कर्मी वन क्षेत्र की खाक छानते रहे, छह दिन बाद वह पास के जंगल में नदी किनारे भजन गाती मिली। दिव्यांग व मानसिक रूप से कमजोर इस युवती ने इस अवधि में इच्छाशक्ति मजबूत रखी।
भूख मिटाने के लिए मीठी पत्ती (तेजपात) चबाई। जलस्रोत के पानी से प्यास बुझाई। जंगली जानवरों की आवाजाही वाले वनक्षेत्र में प्रभु का गुणगान कर रात काटी। घने बियाबान वन क्षेत्र में युवती का अकेले भटकना और सकुशल मिलने को ग्रामीण दैवीय शक्ति का असर मान रहे हैं। वहीं पुलिस के प्रयासों को भी सराहा जा रहा।
वाकया बीती एक जुलाई की सायं का है। मजखाली निवासी गिरीश चंद्र पुजारी रोज की तरह अपनी 28 वर्षीय पुत्री विधि को घुमाने के लिए सुंदरखाल जंगल की ओर गए थे। घर लौटते समय थकान होने पर विधि थकान मिटाने को कुछ देर रुक गई। पिता गिरीश धीरे धीरे चलते रहे। करीब 20 मिनट बीतने पर बेटी नहीं दिखी तो उन्होंने आवाज लगाई।
जवाब न मिलने पर गिरीश चंद्र तलाश में जुट गए। लेकिन विधि नहीं मिली। मौके पर उसकी चप्पलें पड़ी थीं। बाद में ग्रामीणों ने खोजा। सुराग न मिलने पर बीती तीन जुलाई को मजखाली चौकी में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। एसएसपी चंद्रशेखर घोड़के के निर्देश पर नैनीताल से डाग स्क्वायड बुलाया गया। एएसपी हरबंश सिंह के निर्देशन में पुलिस, एसडीआरएफ व दमकल कर्मी तलाश में जंगल छानते रहे।
इधर बीती शाम सुंदरखाल व बटुलिया क्षेत्र की महिलाएं बाजार में सब्जी बेचकर घर लौट रही थीं। तभी सुंदरखाल से लगे बटुलिया वन क्षेत्र से गुजर रही नदी की तरफ से उन्हें किसी युवती के भजन गाने की आवाज सुनाई दी। वह बीच बीच में ‘हर हर गंगे, जय श्री कृष्णा, भारत माता की जय’ भी बोले जा रही थी।
महिलाएं समझ गई कि सुंदरखाल से लापता युवती यही है। उन्होंने बगैर देर किए गांव में बताया। फोन से विधि के स्वजन को बताया। युवती के पिता गिरीश चंद्र के अनुसार उन्होंने पुलिस को सूचना दी और खुद स्कूटी से मौके पर पहुंचे। पूछने पर विधि ने अपने पिता को बताया कि उसने मीठी पत्ती व पान जैसे पत्ते खाकर भूख मिटाई।
बैंगन का भर्ता व रोटी खाने की बात भी कही। संभावना है कि दिन में किसी ग्रामीण ने उसे भोजन दिया हो। एएसपी हरबंश सिंह के अनुसार युवती को सकुशल रेस्क्यू किया गया। नंगे पांव घूमने से छाले और पेट में खरोंच पाए जाने पर उसका नागरिक चिकित्सालय में प्राथमिक उपचार किया गया।
