होली से ठीक पहले राजधानी के चितकोहरा कौशल नगर स्थित पोल्ट्री अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र के 4575 मुर्गियों-मुर्गों में एवियन एंफ्लुएंजा (एच5एन1) या बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद शुक्रवार को जिला प्रशासन व पशुपालन पदाधिकारी हरकत में आ गए। आननफानन में कौशल नगर-चितकोहरा के एक किलोमीटर के दायरे को संक्रमित क्षेत्र घोषित कर दिनभर गहन सैनिटाइजेशन कराया गया।
इस क्रम में नेता विपक्ष तेजस्वी प्रसाद, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत समेत दर्जन भर से अधिक वीवीआइपी के आवासों को भी एहतियातन सैनिटाइज कराया गया। वहीं, संजय गांधी जैविक उद्यान यानी चिड़ियाघर में जहां जिराफ आदि रहते हैं, वह भाग भी संक्रमित क्षेत्र के दायरे में आ गया है।
जिला पशुपालन पदाधिकारी अरुण कुमार ने निदेशक को पत्र लिख कर आमजन का प्रवेश सात दिन के लिए बंद करने का आग्रह किया है। इसके अलावा नौ किलोमीटर के दायरे को सर्विलांस जोन मानकर निगरानी बढ़ा दी गई है। घनी आबादी, दर्जनों वीवीआइपी के आवास व एयरपोर्ट सटा होने से प्रशासन पूरी एहतियात बरत रहा है। बताते चलें कि सात दिन पूर्व कंकड़बाग के पीसी कालोनी क्षेत्र में मिले कौओं की जांच में एवियन एनफ्लुएंजा की पुष्टि हुई थी। इसके बाद वहां सैनिटाइजेशन कराने के साथ पीसी कालोनी जे-सेक्टर पार्क को भी बंद रखा गया है। इसके पूर्व हाईकोर्ट, आइजीआइएमएस, संपतचक समेत जिले के कई क्षेत्रों में लगातार कौओं के मरने व उनमें एवियन एनफ्लुएंजा की पुष्टि हो रही थी।
आइसीआर भोपाल की प्रयोगशाला में कराई गई जांच:
बिहार एनिमल साइंसेस यूनिवर्सिटी के तहत चितकोहरा के कौशल नगर में संचालित पोल्ट्री अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र में अचानक कुक्कुटों की अस्वाभाविक मौत होने लगी। इसके बाद जांच के लिए इनके नमूने मध्य प्रदेश के भोपाल स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आइसीएआर) की के अधीन एक प्रमुख राष्ट्रीय संस्थान नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीजेज (एनआइएचएसएडी) भेजे गए थे। जांच रिपोर्ट में एवियन एनफ्लुएंजा की पुष्टि होने के बाद एक किलोमीटर के दायरे को संक्रमित घोषित कर रैपिड रिस्पांस टीम गठित की गई। टीम ने भारत सरकार की एसओपी के अनुसार 4575 कुक्कुटों का शमन (कूलिंग), 9662 अंडों व 530 किलोग्राम मुर्गी दाना को नष्ट किया।
कौओं ही फैलाते तेजी से बर्ड फ्लू:
जिला पशुपालन पदाधिकारी अरुण कुमार व अन्य पशु विशेषज्ञों के अनुसार ठंड में तमाम प्रवासी पक्षियों का आना-जाना लगा रहा है। गंगा या नदियों के किनारे जब ये पक्षी पानी पीने उतरते हैं तो कई संक्रमित पक्षियों की मौत हो जाती है। कौए अपने स्वभाव के अनुसार झुंड में इनका सेवन करते हैं और यहां-वहां बैठकर तेजी से इसे दूसरे पक्षियों व इंसानों तक पहुंचा देते हैं। यही कारण है कि गत 15 दिन से जिले के करीब आधा दर्जन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में कौओं की मौत के मामले सामने आए थे। चिड़ियाघर में बड़ी संख्या में पक्षी आते-जाते हैं। ऐसे में आमजन को उनकी बीट या अन्य चीजों के संपर्क में आने से बर्ड फ्लू नहीं हो, इसलिए चिड़ियाघर को बंद रखने की अनुशंसा की गई है। हालांकि, अभी जू प्रशासन ने किसी पक्षी में संक्रमण की पुष्टि नहीं होने की बात कही है और बचाव उपाय कड़े कर दिए हैं। होली से पहले बर्ड फ्लू की खबर से पोल्ट्री कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि, पशुपालन पदाधिकारी के अनुसार 70 से 75 डिग्री सेल्सियस तापमान पर ठीक से पकाने पर वायरस नष्ट हो जाता है और बीमार होने की आशंका नहीं रह जाती है।
