ओडिशा की नाबालिग किशोरी ने आरोप लगाया है कि पिछले दो वर्षों में उसका दो बार सौदा किया गया। पहले उसे नौकरी दिलाने का झांसा देकर ओडिशा से झांसी लाया गया और बाद में 50 हजार रुपये में दूसरे व्यक्ति के हाथों बेच दिया गया। पीड़िता का यह भी आरोप है कि शादी की आड़ में उसे करीब डेढ़ वर्ष तक बंधक बनाकर उसका उत्पीड़न किया गया। किसी तरह अपने गांव लौटी किशोरी ने ओडिशा के कामाख्यानगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। ओडिशा पुलिस ने झांसी आकर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
ओडिशा के ढेंकनाल जिले की रहने वाली किशोरी की कहानी बेहद दर्दनाक है। ओडिशा पुलिस के मुताबिक करीब 17 वर्षीय किशोरी ने अपने बयान में बताया कि बचपन में पिता की मौत हो गई थी। परिवार की आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियां कमजोर होने के कारण उसकी देखरेख करने वाला कोई नहीं था। इसी दौरान उसकी पहचान ढेंकनाल जिले के कंकाडाहाड़ा ब्लॉक निवासी विनोद पात्रा से हुई। किशोरी का आरोप है कि विनोद नौकरी दिलाने के बहाने उसे भुवनेश्वर ले गया और वहां से एक लाख रुपये में झांसी के ढिकौली गांव निवासी युवक के हाथों उसका सौदा कर दिया।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि झांसी लाए जाने के बाद कई महीनों तक उसे घर में बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान उसके साथ दुष्कर्म किया गया। गर्भवती होने पर उसका गर्भपात भी करा दिया गया। बाद में उसी व्यक्ति ने उसे 50 हजार रुपये में एरच क्षेत्र के पठा गांव निवासी चंद्रपाल कुशवाहा को बेच दिया।
किशोरी के अनुसार, जनवरी 2025 में नाबालिग होते हुए भी मंदिर में उसकी शादी कराई गई। इसके बाद वह चंद्रपाल के साथ रहने लगी। आरोप है कि इस दौरान उसका आधार कार्ड बदलवाकर जन्मतिथि में हेरफेर की गई, ताकि उसे बालिग दिखाया जा सके। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसे घर में कैद रखकर बाहरी लोगों से मिलने-जुलने नहीं दिया जाता था। गांव में भी किसी से संपर्क करने की अनुमति नहीं थी।
किसी तरह मौका मिलने पर वह वहां से भाग निकली और अपने गांव पहुंच गई। इसके बाद उसने कामाख्यानगर थाने में आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। ओडिशा पुलिस का कहना है कि पीड़िता के आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आरोपी को गिरफ्तार कर ढेंकनाल ले गई ओडिशा पुलिस
मामले की जांच के लिए ओडिशा से सात सदस्यीय पुलिस टीम झांसी पहुंची थी। कामाख्यानगर थाना प्रभारी पूर्णचंद्र राउत के नेतृत्व में टीम ने एरच क्षेत्र में दबिश देकर चंद्रपाल कुशवाहा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने पूछताछ के दौरान ढिकौली निवासी आशीष यादव, कल्याण यादव, गजेंद्र कुशवाहा, अमान, परम कुशवाहा और मंगल कुशवाहा समेत अन्य लोगों से भी जानकारी जुटाई। पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
शुक्रवार को आरोपी का चिकित्सीय परीक्षण कराने के बाद ओडिशा पुलिस उसे अपने साथ ढेंकनाल ले गई। पुलिस के मुताबिक शनिवार को आरोपी को ढेंकनाल न्यायालय में पेश किया जाएगा। एरच थाना प्रभारी रुपेश कुमार ने भी गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
मानवाधिकार आयोग तक पहुंचा मामला, बढ़ी हलचल
मामला राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग तक पहुंचने के बाद पुलिस और प्रशासनिक महकमे में भी हलचल बढ़ गई है। आयोग ने पूरे प्रकरण की रिपोर्ट तलब की है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की मुख्य जांच ओडिशा पुलिस कर रही है, जबकि स्थानीय स्तर पर भी आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से भी मामले की निगरानी की जा रही है।
