नीट पेपर लीक मामले को लेकर नई दिल्ली के जंतर-मंतर में पिछले 36 दिनों से चल अपने आंदोलन को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने खत्म करने का ऐलान किया है। साथ ही आंदोलन से जुड़े छात्रों से अपने घर लौटने की अपील की। शनिवार को केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में वार्ता के बाद सीजेपी प्रतिनिधियों ने कहा कि सरकार ने उनकी सभी मांगों को मान लिया है। जिसमें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, केस वापस लेने और नीट पीड़ितों को एक करोड़ मुआवजा देने की मांग शामिल थी।
केंद्र सरकार की ओर से सभी मांगों को मान लिए जाने के बाद सीजेपी प्रतिनिधि सौरभ दास व आशुतोष रांका ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में शनिवार को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में पत्रकारों से चर्चा में यह जानकारी दी। इस दौरान सीजेपी प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों की जिक्र किया और बताया कि सरकार ने सभी मांगे मान ली। इसके साथ ही उन्होंने तत्काल प्रभाव से आंदोलन खत्म करने का एलान किया। इससे पहले सीजेपी प्रतिनिधियों और सरकार के बीच मांगों को लेकर 20 व 24 जुलाई को भी वार्ता हुई थी। जिसमें 20 जुलाई को जेपी नड्डा के घर पर सीजेपी प्रतिनिधियों के साथ हुई पहली मुलाकात में उन्होंने इन मांगों को रखा था। इसके बाद 24 जुलाई को सरकार और सीजेपी के बीच दूसरी बैठक कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हुई। जिसमें सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छोड़कर उनकी दोनों मांगों पर सैद्धांतिक रूप से अपनी सहमति दी थी।
परीक्षा सुधार पर सीजेपी ने सौंपा चार्टर, चार हफ्ते बाद फिर होगी बात
सीजेपी ने सरकार को पांच बिंदुओं वाला एक चार्टर भी सौंपा है। जिसके अमल को लेकर चार हफ्ते के बाद फिर से चर्चा करने को लेकर दोनों के बीच सहमति जताई गई है। सीजेपी के चार्टर के मुताबिक एनटीए को भंग करने और एक स्वायत्त नेशनल टेस्टिंग कमीशन बनाया जाए। जहां स्थाई स्टाफ हो।
