पौड़ी गढ़वाल। उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के कोटद्वार में हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने अपने शौक और व्यक्तिगत जरूरतें पूरी करने के लिए अपनी ही मां के करीब 20 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवर चोरी कर लिए। चोरी के बाद आरोपी जेवर लेकर राजस्थान भाग गया। पुलिस ने CCTV फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से आरोपी को जयपुर से गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी की पहचान दीपांशु के रूप में हुई है।
बालासौड़ निवासी अनीता ने 5 अक्टूबर को कोतवाली कोटद्वार में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके घर से सोने-चांदी के जेवर चोरी हो गए हैं। शिकायत के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ आसपास के लोगों से पूछताछ की। इसके बाद संभावित रास्तों पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई। तकनीकी साक्ष्यों और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिए पुलिस को चोरी में महिला के बेटे दीपांशु की भूमिका का पता चला।
जेवर लेकर राजस्थान भाग गया आरोपी
पुलिस के मुताबिक, चोरी के बाद दीपांशु घर से निकल गया और जेवर लेकर राजस्थान पहुंच गया। पुलिस ने उसकी लोकेशन ट्रेस की तो वह जयपुर के में मिला। इसके बाद पुलिस टीम ने दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से चोरी किए गए 10.50 तोला सोने के आभूषण और 891 ग्राम चांदी के आभूषण बरामद किए गए हैं। बरामद जेवरों की कुल कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई गई है।
शौक पूरे करने के लिए मां के जेवर चुराए
पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसे अपनी व्यक्तिगत जरूरतों और शौक पूरे करने के लिए पैसों की जरूरत थी। इसी के चलते उसने अपनी ही मां के जेवर चोरी करने की योजना बनाई। जेवर चोरी करने के बाद वह उन्हें लेकर घर से निकल गया और राजस्थान पहुंच गया। यानी मां ने जिन जेवरों को अपने भविष्य और जरूरत के लिए संभालकर रखा था, उन्हीं जेवरों पर बेटे की नजर पड़ गई और उसने अपने शौक पूरे करने के लिए उन्हें चोरी कर लिया।
CCTV और सर्विलांस से राजस्थान तक पहुंची पुलिस
इस मामले में CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्य पुलिस के लिए अहम कड़ी साबित हुए। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस से आरोपी की गतिविधियों और लोकेशन का पता लगाया गया। लोकेशन राजस्थान में मिलने के बाद पुलिस टीम जयपुर पहुंची और झालूपुरा से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर दिया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी पौड़ी सर्वेश पंवार के निर्देश पर एएसपी कोटद्वार मनोज कुमार ठाकुर और सीओ कोटद्वार अस्मिता ममगाईं के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम गठित की गई थी।
