नई दिल्ली। जीएसटी काउंसिल की 57वीं बैठक में व्यापारियों और टैक्सपेयर्स के लिए कई अहम फैसले लिए गए। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई बैठक में जीएसटी कानूनों को सरल बनाने और अधिकारियों की मनमानी पर रोक लगाने से जुड़े कई प्रस्तावों पर चर्चा हुई।
बैठक में बताया गया कि जीएसटी मामलों में गिरफ्तारी के अधिकार को हटाने का फैसला किया गया है। इसके साथ ही मुकदमा चलाने की सीमा 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये कर दी गई है। सामान्य जुर्माने की राशि भी 25 हजार रुपये से घटाकर 10 हजार रुपये करने की बात कही गई है।
राज्यों ने GST सुधारों की सराहना की
बैठक में हुए सुधारों की राज्यों के प्रतिनिधियों ने भी सराहना की। पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता ने कहा कि जीएसटी से राज्यों को बड़ा फायदा हुआ है और पश्चिम बंगाल के कुल राजस्व में जीएसटी की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है। उन्होंने कहा कि इस बार की बैठक में स्ट्रक्चरल सुधारों पर विशेष जोर दिया गया है। नियमों और प्रक्रियाओं को तर्कसंगत बनाने से कारोबार करना आसान होगा और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा। दासगुप्ता के मुताबिक, अब जीएसटी व्यवस्था में डेटा और सिस्टम पर ज्यादा जोर है, इसलिए व्यापारियों को डराने-धमकाने की जरूरत नहीं रहनी चाहिए।
