रामपुर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खां और उनके बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला के दो पैन कार्ड मामले में सात साल की सजा के खिलाफ सेशन कोर्ट में की गई अपील खारिज हो गई है। दोनों फिलहाल जेल में ही रहेंगे। आजम खां और अब्दुल्ला के खिलाफ दो पैन कार्ड का मामला भाजपा विधायक आकाश सक्सेना की ओर से सिविल लाइंस कोतवाली में वर्ष 2019 में दर्ज हुआ था।
विधायक का आरोप था कि आजम खां ने बेटे अब्दुल्ला के अलग-अलग जन्मतिथि से दो पेन कार्ड बनवाए थे और उनका उपयोग भी किया गया था। पुलिस ने मामले की जांच पूरी कर पिता-पुत्र के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिए थे। इस मामले में 17 नवंबर 2025 को एसीजेएम प्रथम/एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) शोभित बंसल ने पिता-पुत्र को को दोषी मानते हुए सात-सात साल के कारावास और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी।
सजा के खिलाफ पिता-पुत्र ने एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (सेशन ट्रायल) के समक्ष अलग-अलग अपील की थी। अपील पर सरकार की ओर से लखनऊ हाई कोर्ट के महा अधिवक्ता अनिल प्रताप सिंह और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सीमा राणा ने बहस की थी। अपर सत्र न्यायाधीश/एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (सेशन ट्रायल) डा. विजय कुमार ने सोमवार को इस पर निर्णय सुनाया और पिता-पुत्र की अपीलों को निरस्त करते हुए एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) द्वारा सुनाई गई सजा को बरकरार रखा है।
अभियोजन की अपील पर 30 को होगी सुनवाई
दो पैन कार्ड मामले में अभियोजन की ओर से भी सजा बढ़ाए जाने को लेकर की गई अपील और पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां नवेद मियां की रिवीजन पर सुनवाई के लिए सत्र न्यायालय ने 30 अप्रैल नियत की है। नवेद मियां ने इस संंबंध में हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी कि उन्हें भी पक्षकार बनाया जाए। उनके द्वारा ही सबसे पहले अब्दुल्ला की आयु को लेकर मुद्दा उठाया गया था। हाई कोर्ट ने उनकी याचिका स्वीकार करते हुए स्थानीय अदालत को उनका पक्ष सुनने के आदेश दिए थे। नवेद मियां ने हाई कोर्ट के आदेश के साथ अपना पक्ष रखने के लिए स्थानीय न्यायालय में रिवीजन दाखिल किया था।
आजम खां के 14 मुकदमों में हो चुका फैसला
सपा नेता आजम खां पर वर्ष 2019 में 84 मुकदमे दर्ज हुए थे। इनमें ज्यादातर न्यायालय में विचाराधीन हैं। 14 मुकदमों में फैसला हो चुका है। इनमें सात में उन्हें सजा हुई, जबकि इतने ही मामलों में बरी भी हुए। 17 नवंबर को दो पैनकार्ड मामले में उन्हें और उनके बेटे अब्दुल्ला को सात साल की सजा ह़ुई थी। तब से दोनों रामपुर जेल में बंद हैं। इससे पहले दो जन्म प्रमाण पत्र मामले में 18 अक्टूबर 2023 को आजम खां, उनकी पत्नी पूर्व सांसद डा. तजीन फात्मा और बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला को सात साल कारावास की सजा हुई थी। तब आजम खां 23 माह तक सीतापुर जेल में बंद रहे थे।
23 सितंबर 2025 को सभी मामलों में जमानत के बाद जेल से रिहा हो गए थे, लेकिन दो पैन कार्ड में सजा सुनाए जाने के बाद उन्हें फिर बेटे के साथ जेल जाना पड़ा। वर्तमान में आजम खां और अब्दुल्ला दोनों रामपुर जिला कारागार में बंद हैं।
