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पुलिस प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संयुक्त रूप नगर में छापा मार कर अवैध रूप से संचालित नकली आयुर्वेदिक दवा बनाने की फैक्टरी का भंडाफोड़ किया है। मौके से बड़ी मात्रा में तैयार दवाइयों के साथ दवा बनाने के उपकरण, बड़ी मात्रा में एलोपैथिक दवाइयां और हिरण के सींग बरामद हुए हैं। फैक्टरी संचालक के कमरे से एक अवैध पिस्तौल भी मिला है। पुलिस ने आरोपी संचालक को हिरासत में लेकर गोदाम सील कर दिया। आरोपी अवैध रूप से ऑनलाइन देश-विदेश में शुगर की आयुर्वेदिक दवा की सप्लाई करता था। पुलिस और प्रशासन की टीम इस गोरखधंधे की जांच में जुटी है।

एसडीएम ऋचा सिंह ने बताया कि एक व्यक्ति ने डीएम को पत्र देकर दिनेशपुर के वार्ड दो में चल रही नकली आयुर्वेदिक दवा की फैक्टरी की शिकायत की थी। डीएम के निर्देश पर सोमवार की शाम एसडीएम ने जिला औषधि निरीक्षक शुभम कोटनाला, जिला आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी आलोक शुक्ला, थानाध्यक्ष रविंद्र बिष्ट के साथ वार्ड दो नगर पंचायत कार्यालय के पीछे मोतीपुर के दो घरों में स्थित प्रीत फूड प्रोडक्टस नामक अवैध फैक्टरी पर छापा मारा।

मौके से शुगर की एलोपैथिक दवाइयां, दो हजार से अधिक प्लास्टिक के पैकेट और डिब्बों में तैयार 60,000 की आयुर्वेदिक शुगर कंट्रोल सप्लीमेंट के नाम से बनी शुगर की दवाइयां, दवा बनाने की पिसाई मशीन, खाली पैकेट और प्लास्टिक के डिब्बे मिले।

टीम को दूसरे मकान से बड़ी मात्रा में पीलजीपीएम- एस आर 2 नामक शुगर की और विटामिन डी-3 के साथ कैल्शियम की एलोपैथिक दवाइयों से भरी पेटियां मिलीं। गोदाम से बड़ी मात्रा में एलोपैथिक दवाइयों के खाली रैपर मिले। कमरे से सात हिरण के सींग भी बरामद हुए। वन्य जीव के अंग बरामद होने पर वन क्षेत्र अधिकारी रूप नारायण गौतम भी वन कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और हिरण के सींग को कब्जे में लेकर सील कर दिया।

फैक्टरी संचालक दवा बनाने के कोई वैद्य पत्रावली नहीं दिखा सका। जिला औषधि निरीक्षक, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी, वन क्षेत्राधिकारी की तहरीर पर पुलिस ने फैक्टरी संचालक स्वरूप सिंह को हिरासत में ले लिया गया। देर रात पुलिस ने दोनों मकान को भी सील कर दिया। एसडीएम ने बताया कि उसके इस धंधे में और भी लोगों के लिप्त होने की आशंका है। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।

बुखार और सांस की दवाई बनाने की बात कबूली

मूल रूप से पीलीभीत जिले के मोहल्ला नकाशा, थाना सुंदरी निवासी स्वरूप सिंह लंबे समय से अवैध आयुर्वेदिक दवा के धंधे में लिप्त बताया जा रहा है। स्वरूप सिंह तीन साल पहले दिनेशपुर में आकर बसा था। उसने शुगर के साथ बुखार और सांस की दवा बनाने की बात भी कबूली है। उसका मोबाइल फोन चेक करने पर प्रशासन को पश्चिम बंगाल, यूपी, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा के साथ कई राज्यों में लोगों को भेजी गई दवाइयों की सप्लाई के मैसेज मिले हैं। प्रशासन उसके मोबाइल फोन की जांच कर रही है। संवाद

एसडीएम ने बताया कि आरोपी स्वरूप सिंह के अनुसार वह विभिन्न पेड़ों की छाल को पीसकर उसमें शुगर, विटामिन और कैल्शियम की एलोपैथिक दवा को पीसकर दवाइयां बनाता था। वह ऑनलाइन पूरे देश में 20 दिन की दवाई 1300 रुपये में बेचता था। आयुर्वेद के नाम पर वह एलोपैथिक दवा चूर्ण में मिलाकर बेच रहा था। दवा खाकर मरीज को तत्काल राहत भी मिल रही थी और डिमांड भी बढ़ रही थी। कुछ ही दिनों में उसने दो मकान और मेन रोड में चार दुकान बनवा लीं। उसके पास दो नई लग्जरी कार भी हैं। नगर में कई जगह उसने प्लाट भी खरीदा है।

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