नैनीताल। मल्लीताल कोतवाली में बुधवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब कोतवाल ने खुद को कमरे में बंद कर लिया। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने और आवाज लगाने के बावजूद भीतर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर पुलिसकर्मियों में अनहोनी की आशंका फैल गई। इसके बाद कर्मियों ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया, जहां कोतवाल रोते-बिलखते हालत में मिले।
जानकारी के अनुसार, हाल ही में कोतवाली में तैनात एक महिला पुलिसकर्मी का स्थानांतरण होने के बाद कोतवाल ने एसएसपी से महिला कर्मी की कमी का हवाला देते हुए अपना तबादला रोकने की मांग की थी। इस बात को लेकर दोनों के बीच बहस होने की भी चर्चा है। इसके बाद मंगलवार को उनकी संबद्धता समाप्त कर उनका स्थानांतरण अल्मोड़ा कर दिया गया था।
बताया जा रहा है कि तबादले के बाद से ही कोतवाल तनाव में चल रहे थे। बुधवार सुबह करीब दस बजे तक वह अपने आवास से कोतवाली नहीं पहुंचे। करीब सवा दस बजे पुलिसकर्मी उनके कमरे तक पहुंचे और काफी देर तक दरवाजा खटखटाते रहे, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। स्थिति गंभीर लगने पर पुलिसकर्मियों ने दरवाजा तोड़ दिया।
सूचना मिलने पर सीओ अंजना नेगी और एलआईयू कर्मी भी मौके पर पहुंच गए। इस दौरान पुलिस ने कर्मचारी आवास की ओर पत्रकारों को जाने से भी रोक दिया। कई घंटे निगरानी के बाद पुलिस ने कोतवाल के परिजनों को बुलाया और उन्हें उनके साथ भेज दिया। फिलहाल उनकी रवानगी पुलिस लाइन किए जाने की बात सामने आ रही है। मामले में पुलिस अधिकारी फिलहाल कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।
