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उत्तर प्रदेश सरकार ने देशी नस्ल की गायों के संरक्षण और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री स्वदेशी गो संवर्धन योजना शुरू की है। योजना के तहत पशुपालकों को देशी गायों की दो सदस्यीय यूनिट स्थापित करने पर 80 हजार रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा।

 

पशुपालन विभाग के अनुसार योजना में गीर, साहीवाल, थारपारकर और गंगातिरी नस्ल की गायों को शामिल किया गया है। दो गायों की एक यूनिट की कुल लागत करीब दो लाख रुपये निर्धारित की गई है, जिसमें सरकार की ओर से 40 प्रतिशत यानी 80 हजार रुपये की सब्सिडी प्रदान की जाएगी।

योजना का लाभ लेने के इच्छुक पशुपालक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया विभाग की आधिकारिक वेबसाइट nandbabadugdhmission.up.gov.in पर शुरू हो चुकी है।

इसके अलावा सरकार ने प्रगतिशील पशुपालकों के लिए भी प्रोत्साहन राशि का प्रावधान किया है। जिन पशुपालकों की देशी गाय प्रतिदिन 10 लीटर से अधिक दूध देती है, उन्हें 10 हजार रुपये, जबकि 15 लीटर से अधिक दूध देने वाली गाय के लिए 15 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी।

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विनोद कुमार यादव के अनुसार गीर और साहीवाल नस्ल की गायें प्रतिदिन 14 से 16 लीटर तक दूध देने में सक्षम हैं, जबकि थारपारकर नस्ल की गाय 12 से 14 लीटर तक दूध दे सकती है। इन नस्लों की बाजार कीमत लगभग एक लाख रुपये तक पहुंच सकती है।

हालांकि, खबर में किए गए स्वास्थ्य संबंधी दावों—जैसे ए-1 दूध से डायबिटीज, ऑटिज्म या अन्य बीमारियां होने और ए-2 दूध के विशेष स्वास्थ्य लाभ—को लेकर वैज्ञानिक समुदाय में अभी स्पष्ट और सर्वसम्मत निष्कर्ष उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे दावों को चिकित्सकीय रूप से स्थापित तथ्य नहीं माना जाता।

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