सितारगंज। केंद्रीय कारागार सितारगंज में एक बंदी पर जानलेवा हमला करने और बाद में लगातार धमकियां देने के मामले में पुलिस ने चार बंदियों के विरुद्ध प्राथमिकी पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी है।पीड़ित बंदी ने जेल प्रशासन को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि हमलावर उसे पहले भी गंभीर रूप से घायल कर चुके हैं और अब दोबारा जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।
पुलिस को दी गई तहरीर में केंद्रीय कारागार सितारगंज में सजा काट रहे वाजिद अली उर्फ बब्लू ने बताया कि करीब 11-12 दिन पूर्व जेल परिसर में उसके साथ गंभीर मारपीट की घटना हुई थी।
चार बंदियों ने उस पर हमला
आरोप है कि तीन जून को नहाने के बाद एक बंदी उसे बहाने से पानी की टंकी के पास ले गया, जहां पहले से मौजूद चार बंदियों ने उस पर हमला कर दिया। शिकायतकर्ता के अनुसार देवेन्द्र सिंह उर्फ बाऊ, राबिश, मानवदीप उर्फ मानव तथा गौरव उर्फ गोपाल ने मिलकर उसे लात-घूंसों और थप्पड़ों से बुरी तरह पीटा।
आरोप है कि मारपीट के दौरान देवेन्द्र सिंह ने पानी की टंकी का वाल निकालकर उसके सिर पर कई वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गया। वाजिद अली का कहना है कि होश आने पर उसने खुद को जेल अस्पताल में पाया। उसके सिर से काफी खून बह रहा था और शरीर के विभिन्न हिस्सों में चोटें थीं।
प्राथमिक उपचार के बाद उसे उपचार के लिए हल्द्वानी स्थित अस्पताल भेजा गया, जहां सिर में छह टांके लगाए गए। बाद में उसे वापस जेल लाया गया। पीड़ित बंदी ने आरोप लगाया कि घटना के बाद जेल प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर उसे दूसरे बैरक में स्थानांतरित कर दिया था। आरोप है कि इस बीच उक्त आरोपिताें बंदी में से एक जमानत पर रिहा होने से पहले भी पीड़ित को ल देख लेने की धमकी देकर गया।
तहरीर में कहा गया है कि मंगलवार को अदालत पेशी पर जा रहे एक आरोपित बंदी ने फिर उसे धमकी दी। आरोप है कि बंदी ने कहा कि पिछली बार वह बच गया था, लेकिन अगली बार उसे जान से मार दिया जाएगा। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि अन्य बंदियों को भी मामले में गवाही न देने और मुंह बंद रखने के लिए धमकाया जा रहा है। पीड़ित बंदी ने पुलिस से जानलेवा हमले और लगातार मिल रही धमकियों के मामले में चारों आरोपितों के विरुद्ध प्राथमिकी पंजीकृत कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
