नैनीताल। हाई कोर्ट ने नैनीताल शहर में नाबालिग बच्ची के साथ यौन शोषण करने के चर्चित मामले में आरोपित 72 वर्षीय ठेकेदार उस्मान खान के दूसरे जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई की। कोर्ट ने मामले में ट्रायल कोर्ट से रिपोर्ट पेश करने को कहा है।
शुक्रवार को न्यायाधीश न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की एकलपीठ में जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई हुई। पूर्व में कोर्ट ने जमानत प्रार्थना पत्र को खारिज करते हुए एडीजे हल्द्वानी कोर्ट को तीन महीने में ट्रायल पूरा करने के निर्देश दिए थे।
प्रमुख गवाहों के बयान
ट्रायल अभी पूरा नहीं हुआ है। यह भी कहा गया कि ट्रायल कोर्ट में प्रमुख गवाहों के बयान हो चुके हैं। अब बयानों में छेड़छाड़ की आशंका नहीं है। ऐसे में आरोपित को जमानत प्रदान कर दी जाये। हालांकि अदालत ने आरोपित को कोई राहत नहीं देते हुए ट्रायल कोर्ट को निर्धारित समय के अंदर ट्रायल की रिपोर्ट पेश करने को कहा है।
उस्मान पर मल्लीताल कोतवाली क्षमता की 12 साल की नाबालिग के साथ दुष्कर्म आरोप है। बच्ची के स्वजनों की ओर से कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी।
मामला उजागर होने के बाद स्थानीय संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। आक्रोशित भीड़ ने बाजार में तोड़फोड़ भी की। मुकदमा दर्ज होने के बाद उस्मान को गिरफ्तार किया गया। तब से आरोपी जेल में बंद है। उस्मान की हाई कोर्ट के साथ ही सुप्रीम कोर्ट से जमानत नामंजूर हो चुकी है।
