रामनगर। ब्रिटेन में हिरासत में लिए गए रामनगर के चिल्किया गांव निवासी कैप्टन अजय पंत की रिहाई के लिए प्रयास तेज हो गए हैं। पौड़ी सांसद अनिल बलूनी और नैनीताल-ऊधम सिंह नगर सांसद अजय भट्ट ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए विदेश मंत्रालय और भारतीय उच्चायोग से संपर्क साधना शुरू कर दिया है।
मंगलवार को कैप्टन अजय के पिता वीसी पंत ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में उपसचिव के पद पर तैनात उत्तराखंड के अधिकारी मंगेश घिल्डियाल से फोन पर बात कर बेटे की जल्द रिहाई के लिए सहायता मांगी। अजय की गिरफ्तारी के बाद से परिवार गहरे तनाव में है। उनके पिता, माता दीपा पंत, पत्नी रितु पंत और दो मासूम बेटियां उनकी सुरक्षित वापसी का इंतजार कर रही हैं।
जानकारी के अनुसार, कैप्टन अजय पंत रूस से क्रूड ऑयल लेकर गुजरात लौट रहे एक जहाज का संचालन कर रहे थे। इसी दौरान इंग्लिश चैनल पार करते समय ब्रिटिश सशस्त्र बलों ने उन्हें हिरासत में ले लिया। परिवार का कहना है कि अजय ने केवल शिपिंग कंपनी के निर्देशों का पालन करते हुए अपना पेशेवर दायित्व निभाया था।
परिजनों ने सांसद अनिल बलूनी और अजय भट्ट से मुलाकात कर मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। भाजपा के पूर्व प्रदेश मंत्री राकेश नैनवाल ने भी अजय के पिता से बातचीत कर हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
सांसद अनिल बलूनी ने कहा कि वह इस मामले को विदेश मंत्रालय के समक्ष उठाएंगे और ब्रिटेन में भारतीय उच्चायुक्त से भी संपर्क करेंगे। वहीं सांसद अजय भट्ट ने बताया कि उन्होंने विदेश मंत्री को ईमेल और फोन के माध्यम से मामले की जानकारी दे दी है। उन्होंने कहा कि अजय ने अपने बचाव में कंपनी के निर्देशों का पालन करने का मजबूत पक्ष रखा है और भारतीय उच्चायोग लगातार मामले पर नजर बनाए हुए है।
अजय भट्ट के अनुसार, कैप्टन अजय फिलहाल रिमांड पर हैं और सुरक्षित हैं। उनकी पत्नी की उनसे बातचीत भी हुई है। मामले में कानूनी और राजनयिक स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं ताकि उनकी जल्द रिहाई सुनिश्चित हो सके।
