141692-500-note

रुद्रपुर। साइबर अपराध और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन के मामले में यदि आपका खाता होल्ड या फ्रीज हो गया है तो अब घबराए नहीं खाता धारकों को राहत देने और उनकी शिकायत का निस्तारण करने के लिए गृह मंत्रालय, पुलिस विभाग और बैंकों की एनसीआरपी-सीएफसीएफआरएमएस प्रणाली के तहत ग्रिवेंस रिड्रेसल मैकेनिज्म (जीआरएम) पोर्टल पर एक पारदर्शी व्यवस्था लागू की गई है। जिसमें शिकायत दर्ज होने के पश्चात नियुक्त विवेचक (आइओ) 15 दिनों के भीतर खाताधारक को सत्यापन के लिए नोटिस जारी कर दस्तावेजों से संतुष्ट होने पर बैंक को होल्ड हटाने का निर्देश देगा।

साइबर अपराधों और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन के मामलों में बैंक खातों को होल्ड अथवा फ्रीज किए जाने की घटनाएं बढ़ रही हैं। ऐसे मामलों में खाताधारकों को राहत प्रदान करने और शिकायतों के त्वरित निस्तारण के उद्देश्य से गृह मंत्रालय, पुलिस विभाग तथा बैंकों की एनसीआरपी-सीएफसीएफआरएमएस प्रणाली के अंतर्गत ग्रिवेंस रिड्रेसल मैकेनिज्म (जीआरएम) पोर्टल पर एक पारदर्शी व्यवस्था लागू की गई है।

एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि इसके लिए सबसे पहले संबंधित बैंक शाखा में जाकर अपने केवाईसी एवं ग्राहक सत्यापन से जुड़े आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे। इसके बाद बैंक अधिकतम सात दिनों के भीतर दस्तावेजों का उन्नत सत्यापन कर शिकायत को सीएफसीएफआरएमएस पोर्टल पर दर्ज करेगा।

शिकायत दर्ज होने के पश्चात संबंधित थाना प्रभारी द्वारा तत्काल एक विवेचक (आईओ) नियुक्त किया जाएगा। विवेचक 15 दिनों के भीतर खाताधारक को सत्यापन के लिए नोटिस जारी करेगा।

यह प्रक्रिया मुख्य रूप से वीडियो कान्फ्रेंसिंग अथवा आनलाइन माध्यम से की जाएगी। यदि विवेचक प्रस्तुत दस्तावेजों और स्पष्टीकरण से संतुष्ट हो जाता है, तो वह 15 दिनों के भीतर बैंक को होल्ड हटाने का निर्देश देगा तथा पोर्टल पर आवश्यक अपडेट दर्ज करेगा। इसके बाद बैंक 48 घंटे के भीतर खाते को पुनः संचालित कर देगा।

वहीं, यदि विवेचक संतुष्ट नहीं होता है, तो वह निर्धारित अवधि में अपनी टिप्पणियां पोर्टल पर दर्ज करेगा, जिसकी सूचना खाताधारक को एसएमएस अथवा ई-मेल के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।

निर्धारित समय सीमा में विवेचक द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किए जाने पर मामला स्वतः जिला शिकायत अधिकारी के पास स्थानांतरित हो जाएगा। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि जिला शिकायत अधिकारी 15 दिनों के भीतर मामले की समीक्षा कर अंतिम निर्णय देंगे और उसका विवरण दो दिनों के भीतर पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाएगा।

प्रदान की गई है अपील की व्यवस्था : एसएसपी एसटीएफ

एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि खाताधारक प्रारंभिक निर्णय से संतुष्ट नहीं है, तो वह 15 दिनों के भीतर जिला शिकायत अधिकारी तथा उसके बाद राज्य शिकायत अधिकारी के समक्ष अपील कर सकता है। इसके बाद भी समाधान न मिलने की स्थिति में सक्षम न्यायालय की शरण ली जा सकती है।

इसके अतिरिक्त, यदि 90 दिनों की अवधि के भीतर पुलिस अथवा न्यायालय की ओर से कोई नया होल्ड आदेश प्राप्त नहीं होता है, तो बैंक निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते के लिए होल्ड हटाने की कार्रवाई करेगा। वहीं, खाता फ्रीज या जब्ती की कार्रवाई भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 106 अथवा अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत की जाती है, जिसकी जांच अवधि 15 दिन निर्धारित है।

error: Content is protected !!