गांव मगरसड़ा निवासी मलकीत कौर ने बताया कि 13 मार्च 2020 को गुरजीत सिंह से उसका विवाह हुआ था। विवाह में मायके पक्ष ने सामर्थ्य अनुसार घर-गृहस्थी का सामान दान स्वरूप दिया था। विवाह के छह माह बाद ससुराल पक्ष ने कम दहेज लाने को लेकर ताने देना शुरू कर दिया। उसे रसोई में जाने से रोक दिया। छोटी-छोटी बातों पर गाली-गलौज व मारपीट करने लगे।
विवाहिता ने बताया की ससुराल पक्ष ने पति गुरजीत सिंह, सास निर्मल कौर उर्फ निम्मो, ससुर बलविंदर सिंह और जेठ जोगा सिंह और राजबीर सिंह के लिए सोने की अंगूठी और एक बुलेट बाइक देने की मांग की है। मांग पूरी न होने पर उसके पति की दूसरा विवाह कराने की धमकी दी। यह भी बताया कि दो बेटियों सीरत कौर और हरजिंदर कौर को जन्म देने के बाद से ससुराल पक्ष का व्यवहार और अधिक अमानवीय हो गया। उसे बच्चों सहित मारपीट कर घर से निकाल दिया गया। आरोप है कि उसके मायके में रहने के दौरान उसके पति ने नगला, नानकमत्ता निवासी संगीता कौर उर्फ सुनीता उर्फ जस्सी से दूसरी शादी कर ली। जब इसकी जानकारी सामने आई तो 16 जनवरी 2025 को गांव मगरसड़ा में पंचायत बुलाई गई। पंचायत में पति ने कथित तौर पर अपनी गलती स्वीकार करते हुए दूसरी महिला से संबंध समाप्त करने का भरोसा दिया और पत्नी को वापस घर ले गया।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि जब उसने अपने जेवर वापस मांगे तो पति कई-कई दिनों तक घर नहीं आया। इसी दौरान सास-ससुर और जेठों ने उसे लगातार प्रताड़ित किया। 27 मार्च 2026 को उसने एक पुत्र को जन्म दिया। लेकिन पति और ससुराल पक्ष का कोई सदस्य उसे देखने तक नहीं पहुंचा। वर्तमान में वह अपने तीनों बच्चों के साथ भय और असुरक्षा के माहौल में ससुराल में रहने को मजबूर है। मामले में पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर पति समेत पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस मामले की विवेचना कर रही है।
