देहरादून। अर्बन कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (यूसीबी) में करोड़ों रुपये के घोटाले की जांच तेज हो गई है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) की ओर से कराए जा रहे फॉरेंसिक ऑडिट में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं सामने आने के बाद शहर कोतवाली में तीन तत्कालीन शाखा प्रबंधकों समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
मुख्य शाखा प्रबंधक रिंकू गौतम के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2013-14, 2014-15 और 2015-16 के बैंक लेखा अभिलेखों व लेजर प्रविष्टियों की जांच में करोड़ों रुपये की हेराफेरी उजागर हुई है। जांच में बैंक के तत्कालीन और वर्तमान अधिकारियों-कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आई है।
फॉरेंसिक रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि आरोपितों ने पद का दुरुपयोग करते हुए फर्जी तरीके से खातों में एंट्री कर बैंक को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया। खाताधारकों की धनराशि का निजी लाभ के लिए इस्तेमाल किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर इंजीनियर गणेश वार्ष्णेय की मदद से कंप्यूटर सिस्टम में गलत एंट्रियां की गईं।
आरोप है कि कार्य दिवस समाप्त होने के बाद कैश बैलेंस और लेजर खातों में नियमों के विरुद्ध बदलाव कर निजी खातों में रकम ट्रांसफर की गई। जांच एजेंसियों को आशंका है कि ग्राहकों के पैसों से आरोपितों ने करोड़ों की संपत्तियां भी अर्जित कीं।
फॉरेंसिक जांच में स्वर्गीय आरके बंसल (तत्कालीन सचिव), इंजीनियर गणेश चंद्र वार्ष्णेय, तत्कालीन शाखा प्रबंधक महावीर सिंह, संजय गुप्ता और कार्यकारी शाखा प्रबंधक विजय मोहन भट्ट के नाम सामने आए हैं। पांचों के खिलाफ शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
