उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने मंगलवार को नवीन सर्किट हाउस में महिला जनसुनवाई की। इस दौरान उन्होंने बताया कि आयोग की ओर से जल्द ही एक विशेष एप लांच किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कई बार सामाजिक पाबंदियों के कारण मुस्लिम महिलाएं अपनी शिकायतों के लिए दोबारा आयोग तक नहीं पहुंच पातीं। ऐसे में यह एप उनके लिए मददगार साबित होगा।
इससे पहले जनसुनवाई में घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न और गुजारा भत्ता से संबंधित कुल 44 आवेदन की सुनवाई हुई। अध्यक्ष ने पिछली बैठक की समीक्षा करते हुए समय से निस्तारण आख्या न भेजने वाले विभागों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसुनवाई के एक सप्ताह के भीतर निस्तारण किया जाए। पुलिस से कहा कि थाने पहुंचने वाली पीड़ित महिलाओं की तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए और उन्हें अनावश्यक चक्कर न लगवाए जाएं।
जिले में 77,256 विधवा पेंशन लाभार्थी और 5,000 नवीन कन्या सुमंगला लाभार्थी लाभान्वित हो रहे हैं। डॉ. बबीता चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार महिला अपराधों पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए। बैठक में एडीएम (न्यायिक) धीरेंद्र सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी अतुल सोनी सहित विभिन्न थानों के थाना प्रभारी मौजूद रहे।
