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रसोई गैस की किल्लत से पर्यटन व्यवसाय प्रभावित न हो, इसे देखते हुए प्रदेश सरकार ने व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की आपूर्ति पूर्व के मुकाबले दोगुनी कर दी है। इसके लिए मंगलवार को संशोधित मानक प्रचालन कार्यविधि (एसओपी) जारी की गई। 16 मार्च को जारी एसओपी में संशोधन कर सिलिंडरों की आपूर्ति में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। खाद्य सचिव आनंद स्वरूप ने मंगलवार को संशोधित एसओपी जारी की। इसके अंतर्गत पर्यटन व उद्योग श्रेणियों को व्यावसायिक रसोई गैस आपूर्ति को जरूरत के सापेक्ष 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया है।

पहले प्रदेश में प्रतिदिन 2650 व्यावसायिक एलपीजी सिलिंडरों का वितरण किया जा रहा था, बुधवार से 3500 सिलिंडरों की प्रतिदिन आपूर्ति की जाएगी। अन्य व्यावसायिक संस्थानों के लिए अलग आवंटन प्रतिशत तय किया गया है। संशोधित एसओपी में बताया गया कि राज्य में आने वाले समय पर पर्यटन गतिविधियां बढ़ेंगे। जल्द ही चारधाम यात्रा भी प्रारंभ होने वाली है। जिस कारण राज्य में होम स्टे, होटल-रेस्टोरेंट सहित पर्यटन से जुड़े व्यवसायों में रसोई गैस सिलिंडरों की मांग बढ़ रही है। जिसे देखते हुए इसमें बढ़ोतरी की गई है। व्यावसायिक सिलिंडरों का वितरण प्राथमिकता के आधार पर निरंतर हो, इसे देखते हुए विभाग को सुचारू व्यवस्था बनाने के आदेश जारी किए गए हैं।आदेश में कहा गया कि राज्य में रसोई गैस आवंटित करने वाली तीनों तीनों तेल एवं गैस कंपनियों को व्यावसायिक रसोई गैस सिलिंडरों की आपूर्ति करनी होगी और जिलेवार सिलिंडरों का आवंटन प्रतिशत यथावत रहेगा। साथ ही इसकी जानकारी सभी जिलाधिकारियों को दी जाएगी।

श्रेणी, दैनिक आवश्यकता का 40 प्रतिशत, आवंटन (प्रतिशत में)

फार्मास्यूटिकल उद्योग, 380 सिलिंडर, 07

होटल एवं रिसार्ट, 1500, सिलिंडर, 28

रेस्टोरेंट एवं ढाबा, 2000 सिलिंडर, 37

सरकारी एवं गैर-सरकारी गेस्ट हाउस, 300 सिलिंडर, 06

डेयरी एवं खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां, 260 सिलिंडर, 05

औद्योगिक कैंटीन, 300 सिलिंडर, 06

भोजन सुविधा वाले छात्रावास, 300 सिलिंडर, 06

होम स्टे एवं स्वयं सहायता समूह प्रतिष्ठान, 300 सिलिंडर, 05

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