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ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले गदरपुर निवासी साइबर ठग मलकीत को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

रुद्रपुर में ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाला गदरपुर का एक शातिर साइबर थाना पुलिस के हत्थे चढ़ गया। साइबर ठग के कब्जे से चेकबुक समेत कई दस्तावेज बरामद हुए हैं। कोर्ट में पेशी के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया है। आरोपी अब तक कितने लोगों से कितने करोड़ की ठगी कर चुका है, इसकी जांच की जा रही है।

एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि दिसंबर 2025 में ऊधमसिंह नगर निवासी एक पीड़ित ने ठगी की शिकायत रुद्रपुर साइबर थाने में दर्ज कराई थी। इसमें बताया गया कि अक्तूबर से दिसंबर तक उसके व्हाट्सएप पर ट्रेडिंग से संबंधित मैसेज आए। मैसेज करने वाले ने खुद को ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी हांटेक मार्केट का कर्मचारी बताया और इन्वेस्ट करने के नाम पर शेयर ट्रेडिंग प्रशिक्षित किए जाने का झांसा दिया।

ग्रुपों में पूर्व से जुड़े लोगों की ओर से निवेश की गई धनराशि पर प्राप्त प्रॉफिट की धनराशि संबंधी स्क्रीनशॉट शेयर किए गए। शिकायतकर्ता को ट्रेडिंग में निवेश करने के लिए आरोपी ने सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म के माध्यम से उपलब्ध कराए गए कई बैंक खातों में लगभग 24.70 लाख रुपये की धनराशि धोखाधड़ी से जमा करा ली। इस मामले की विवेचना साइबर थाना के निरीक्षक धीरेंद्र पंत को दी गई। पुलिस ने घटना के बाद बैंकों, सर्विस प्रदाता कंपनियों, गूगल, मेटा कंपनी से पत्राचार कर डेटा प्राप्त किया।

प्राप्त डेटा के विश्लेषण से जानकारी में आया कि साइबर अपराधी ने पीड़ित से शेयर ट्रेडिंग में लाभ कमाने के नाम पर विभिन्न बैंक खातों में धनराशि स्थानांतरित करवाई। बैंक खातों और मोबाइल नंबरों का सत्यापन करने पर साइबर ठग की पहचान वमनपुरी बकैनिया थाना गदरपुर निवासी मलकीत सिंह के रूप में हुई। रविवार को पुलिस ने मलकीत के घर पर दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।

ठग के कब्जे से ये हुआ बरामद

घटना में प्रयुक्त एक मोबाइल फोन, एक सिम कार्ड, ठगी के पैसे से खरीदा गया एक फोन, एक डेबिट कार्ड, एक आधार कार्ड, एक पैन कार्ड, केनरा बैंक की एक पासबुक, एक चेक बुक, एक्सिस बैंक की एक चेक बुक, यस बैक की एक चेक बुक व एसबीआई के तीन चेक और पर्स में 830 रुपये।

मुनाफे का सौदा बता कर लोगों को करता था कंगाल

साइबर ठग मलकीत सिंह व्हाट्सएप के माध्यम से लोगों को ट्रेडिंग का मैसेज भेजता था। इसमें वह खुद को प्रतिष्ठित ट्रेडिंग कंपनी का प्रतिनिधि बताता और ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश कर लाभ दिलाने का भरोसा दिलाता। इसके बाद अलग-अलग व्हाट्सएप ग्रुपों में लोगों को जोड़ता था।

व्हाट्सएप ग्रुप में पहले से जुड़े लोग स्वयं निवेशित धनराशि पर प्राप्त लाभ का स्क्रीनशॉट शेयर करते थे। इससे ग्रुप में जुड़े अन्य लोग इनके झांसे में आकर ऑनलाइन ट्रेडिंग में कम समय में अधिक मुनाफा कमाने के लालच में अपनी धनराशि निवेश कर देते थे। लोगों की ओर से निवेश की गई धनराशि में मुनाफा दिखाने के लिए आरोपी एक फर्जी एप का प्रयोग करते थे। उसके डैशबोर्ड पर लोगों की ओर से इंवेस्ट की गई धनराशि को भारी लाभ के साथ दिखाया जाता था। इससे लोगों को अधिक मुनाफा होने का भरोसा हो जाता था। मलकीत सिंह धोखाधड़ी से प्राप्त की गई धनराशि को विभिन्न बैंक खातों में प्राप्त कर अन्य खातों में ट्रांसफर कर देता था। इससे वह पुलिस से बच जाता था। ठगों के तार बाहरी राज्यों से भी जुड़े हैं।

पांच महीने में बना करोड़ों का मालिक, बाहरी राज्यों में की ठगी

शुरुआती पूछताछ में मलकीत ने बताया कि जिन बैंक खातों का प्रयोग किया गया है। उसमें महज चार-पांच महीने में ही करोड़ों रुपये का लेनदेन हो गया था। जांच में सामने आया है कि आरोपी की ओर से प्रयोग किए गए बैंक खातों के मामले में देश के कई राज्यों में विभिन्न साइबर अपराधों की शिकायतें दर्ज हैं। इसकी जानकारी के लिए पुलिस अन्य राज्यों की पुलिस से भी संपर्क कर रही है।

उधमसिंह नगर एसएसपी की अपील, प्रलोभन से बचें

एसएसपी अजय सिंह ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के अनजान अवसरों के प्रलोभन में न आएं। फर्जी निवेश ऑफर यूट्यूब पर सब्सक्राइब, टेलीग्राम आधारित निवेश वेबसाइट ऑफर में निवेश न करें। सोशल मीडिया पर अनजान से दोस्ती न करें, अनजान कॉल आने पर लालच में न आए। कॉलर की सत्यता की जांच करें। किसी भी एपीके, आरटीओ चालान और पीएम किसान निधि फाइलों को बिना सोचे समझे डाउनलोड न करें। ठगी होने पर टोल फ्री नंबर 1930 पर कॉल करें।

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