धर्मनगरी ऋषिकेश में अपराध का एक नया और चौंकाने वाला चेहरा सामने आया है। आईडीपीएल चौकी क्षेत्र स्थित होटल नवरंग में देर रात पुलिस ने छापा मारकर एक अवैध कसीनो का भंडाफोड़ किया खास बात यह रही कि यह कसीनो उसी रात पकड़ा गया जब इसे शुरू हुए मुश्किल से एक दिन भी नहीं बीता था। कोतवाल कैलाश चंद्र भट्ट के मुताबिक देर रात एक मुखबिर ने पुलिस को होटल नवरंग में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी दी।सूचना मिलते ही सीओ नीरज सेमवाल ने बिना देर किए पुलिस टीम को होटल की तरफ रवाना कर दिया. टीम ने पहले होटल को चारों तरफ से घेरा और फिर अंदर दबिश दी।
पुलिस ने 35 लोगों को पकड़ा
जब पुलिस होटल के भीतर पहुंची, वहां मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। कई लोग भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन पुलिस की मजबूत घेराबंदी के चलते एक भी व्यक्ति वहां से निकल नहीं पाया। मौके पर कुल 35 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें करीब 10 महिला डांसर भी शामिल थीं।
27 मार्च को ही हुई थी ओपनिंग
जांच में सामने आया कि इस अवैध कसीनो की शुरुआत 27 मार्च को ही हुई थी, यानी छापेमारी से ठीक एक दिन पहले इसके पीछे गुमानीवाला श्यामपुर निवासी अशोक थापा का नाम सामने आया है, जो नेपाली थीम की आड़ में यह धंधा चला रहा था. महिला डांसरों को खासतौर पर इसलिए बुलाया गया था, ताकि कसीनो में आने वाले ग्राहकों को लुभाया जा सके और माहौल को जमाया जा सके पहली ही रात में काफी भीड़ जुट गई थी।
नकली नोट भी मिले, ऑनलाइन भी चल रहा था खेल
पुलिस ने मौके से करीब 20 हजार कॉइन, 60 हजार रुपये नकद, 6 बोतल शराब, 20 रुपये के नकली नोट और बड़ी तादाद में ताश की गड्डियां जब्त की गई हैं। बताया गया कि कसीनो सिर्फ नकदी पर नहीं, बल्कि ऑनलाइन रुपये ट्रांजेक्शन के जरिए भी चल रहा था पैसों का लेनदेन डिजिटल माध्यम से करके पकड़ से बचने की पूरी कोशिश की गई थी। नकली नोटों की बरामदगी ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
दिल्ली के लोग और जनप्रतिनिधि भी थे मौजूद
गिरफ्तार किए गए 35 लोगों में केवल स्थानीय लोग नहीं थे जानकारी के मुताबिक इनमें दिल्ली से आए लोग और एक-दो जनप्रतिनिधि भी शामिल हैं। यही वजह है कि पुलिस इस मामले को बेहद संवेदनशील मानते हुए जांच में जुटी है होटल को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है।
एसपी की पैनी नजर, बड़े खुलासे की तैयारी
पुलिस कप्तान प्रमेंद्र डोबाल खुद इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं पुलिस सूत्रों का कहना है कि जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, कई और नाम और चेहरे सामने आ सकते हैं. फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस कसीनो के तार कहां-कहां तक जुड़े हैं और इसके पीछे कौन-कौन से बड़े चेहरे हैं. धर्मनगरी की छवि को दागदार करने की यह कोशिश पुलिस की सतर्कता की वजह से पहली रात ही नाकाम हो गई।
