उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के जयपुर क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां महुआ डाबरा नगर पंचायत का बिजली कनेक्शन करीब दो महीने पहले काट दिया गया। इसके बाद से नगर पंचायत कार्यालय का संचालन जनरेटर के सहारे किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) ने नगर पंचायत पर लगभग 60 लाख रुपये का बिजली बिल बकाया होने के कारण यह कार्रवाई की। कनेक्शन कटने के बाद कार्यालय के सभी कार्य अस्थायी रूप से जनरेटर के जरिए निपटाए जा रहे हैं।
इस मामले में नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी ने कई गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि नगर पंचायत कार्यालय और स्ट्रीट लाइट के लिए कोई मीटर ही स्थापित नहीं है, फिर इतना भारी-भरकम बिल कैसे बन गया। उन्होंने बताया कि पुराने बिलों की जांच में मीटर नंबरों में भिन्नता सामने आई है, वहीं बिल में दर्ज आईडी और यूनिट्स को लेकर भी संदेह बना हुआ है।
अधिशासी अधिकारी के अनुसार, इस संबंध में पहले भी बिजली विभाग को पत्र भेजा गया था, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। अब एक बार फिर विभाग को पत्र भेजकर बिल की जांच की मांग की जा रही है।
नगर पंचायत प्रशासन का कहना है कि जब तक बिल की पूरी तरह जांच नहीं हो जाती, तब तक भुगतान नहीं किया जाएगा। वहीं, इस पूरे मामले ने क्षेत्र में चर्चा को जन्म दे दिया है और लोग सरकारी कार्यप्रणाली व बिलिंग सिस्टम पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
