नई दिल्ली। देश में छह हजार पाइप वाली प्राकृतिक गैस (PNG) का इस्तेमाल करने वालों लोगों ने लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) के कनेक्शन छोड़ दिए हैं। एक सरकारी अधिकारी ने रविवार को बताया कि इन PNG यूजर्स का शुक्रिया अदा किया। इसके साथ ही उन पीएनजी यूजर्स से भी एलपीजी कनेक्शन छोड़ने की अपील की, जिन्होंने PNG पर शिफ्ट होने के बावजूद LPG कनेक्शन नहीं छोड़े हैं।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव नीरज मित्तल ने आज रविवार 29 मार्च को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, ‘कल तक (28 मार्च तक) 6000 PNG उपभोक्ताओं ने अपने LPG कनेक्शन सरेंडर कर दिए! उन्हें बहुत-बहुत धन्यवाद।’
PNG इस्तेमाल करने वालों से अपने LPG कनेक्शन छोड़ने की अपील करते हुए नीरज मित्तल ने लिखा, ‘इन अच्छा काम करने वाले नागरिकों के इस मजबूत और साहसी समूह में शामिल हों, जो उन लोगों को LPG दिलाने में मदद करने के लिए अपनी LPG छोड़ने को आगे आए हैं जिनके पास PNG नहीं है। आज ही अपना कनेक्शन छोड़ें।’
मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध की वजह से देश में गैस सेक्टर में, घरों और ट्रांसपोर्ट के लिए सप्लाई को प्राथमिकता दी गई है। देश में PNG और CNG को पूरी सप्लाई दी जा रही है, जबकि इंडस्ट्रियल और कमर्शियल ग्राहकों को उनकी औसत खपत का लगभग 80 प्रतिशत मिल रहा है।
लाखों लोगों को दिए गए PNG कनेक्शन
सरकार के एक बयान में कहा गया है कि फर्टिलाइजर प्लांट को 70-75 प्रतिशत क्षमता पर सप्लाई की जा रही है और अतिरिक्त LNG कार्गो का इंतजाम किया जा रहा है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने भरोसा दिलाया है कि उसने ईंधन और गैस की सप्लाई सुरक्षित करने के लिए कदम बढ़ा दिए हैं।
मंत्रालय ने आगे बताया कि मार्च महीने में 2,90,000 से ज्यादा नए PNG कनेक्शन जोड़े गए। सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के विस्तार को मंजूरी की प्रक्रियाओं को आसान बनाकर और LPG से PNG की ओर बदलाव को बढ़ावा देकर तेज किया जा रहा है।
