Kerala, India - March 22, 2023 view of an Interstate Toll Plaza or booth in kochi
नई दिल्ली। देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल भुगतान प्रणाली में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) 1 अप्रैल से टोल प्लाजा पर नकद भुगतान पूरी तरह बंद करने की तैयारी में है। प्रस्ताव के अनुसार अब टोल शुल्क केवल डिजिटल माध्यम से — फास्टैग और यूपीआई के जरिए ही लिया जाएगा।
इस बदलाव के लागू होने पर देश के लगभग 1150 टोल प्लाजा पर कैश लेनदेन समाप्त हो सकता है। एनएचएआई का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ETC) प्रणाली को मजबूत करने, ट्रैफिक जाम कम करने और टोल प्लाजा पर लंबी कतारों से राहत दिलाने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।
अथॉरिटी के अनुसार वर्तमान में 98% से अधिक टोल वसूली फास्टैग से हो रही है। RFID आधारित फास्टैग प्रणाली से वाहन बिना रुके टोल पार करते हैं, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत होती है और प्रदूषण भी कम होता है।
जिन वाहनों में फास्टैग नहीं है, उनके लिए यूपीआई से भुगतान की सुविधा दी जाएगी ताकि पूरी व्यवस्था डिजिटल बनी रहे। अभी तक बिना सक्रिय फास्टैग के नकद भुगतान करने पर दोगुना टोल शुल्क देना पड़ता है, जबकि यूपीआई से भुगतान करने पर 1.25 गुना शुल्क लिया जाता है।
सरकार इसे डिजिटल इंडिया पहल के तहत नकदी पर निर्भरता कम करने और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम मान रही है। एनएचएआई का दावा है कि पूर्ण डिजिटलीकरण से टोल व्यवस्था तेज, पारदर्शी और यात्री-अनुकूल बनेगी।
